रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का एलान, आरबीआई ने रेपो रेट यथावत रखने का किया फैसला
Reserve Bank of India : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. आरबीआई ने बुधवार को अपनी नीति की घोषणा में सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा. आरबीआई के अनुसार मुद्रास्फीति में हाल में आयी कम को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है. इससे बैंक उपभोक्ताओं के कर्ज महंगे नहीं होंगे और आपकी ईएमआई भी नहीं बढ़ेगी. इससे पहले अगस्त में हुई मीटिंग में भी इसमें बदलाव नहीं हुआ था. ये लगातार दूसरी मौका है जबकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
आरबीआई ने बुधवार को घोषित मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को यथावत रखने का एलान किया. आरबीआई ने रेपो रेट 5.50% पर बरकरार रखा जबकि SDF रेट 5.25% पर बरकरार रहा. MSF रेट 5.75% पर यथावत रहा. अगस्त माह की समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था जबकि जून में इसमें 50% की कटौती की गई थी. बता दें कि रेपो रेट वह दर है, जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को लोन देता है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार 1 अक्टूबर को लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने बुधवार को रेपो रेट को 5.50% पर बरकरार रखने का फैसला किया. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है. MPC की बैठक के बाद आयोजित एक प्रेंस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर और जीडीपी ग्रोथ के अनुमानों की जानकारी दी. RBI गवर्नर ने कहा कि कमेटी के सभी मेंबर्स ब्याज दरों में स्थिर रखने के पक्ष में थे. GST में कटौती के बाद महंगाई में कमी के चलते ये फैसला लिया गया.आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति का एलान करते हुए बताया कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श करने और ब्याज दरों के रुख पर निर्णय लेने के लिए एमपीसी की 29 और 30 सितंबर तथा 1 अक्टूबर को बैठकें हुईं.
(एसडीएफ) दर भी 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनी हुई है
उन्होंने बताया कि विस्तृत मूल्यांकन के बाद, समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखने के लिए मतदान किया. उन्होंने कहा, "एमपीसी ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया." इस निर्णय के साथ, स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर भी 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनी हुई है.
संजय मल्होत्रा ने कहा कि सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर और बैंक दर इस समय 5.75% पर बनी हुई हैं. स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर वह ब्याज दर है जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) उन बैंकों को देता है जो अपनी अतिरिक्त और बिना किसी गारंटी वाली धनराशि एक दिन के लिए RBI में जमा करते हैं. इससे बैंकों को सुरक्षित जगह पर पैसा रखने के बदले थोड़ा ब्याज मिल जाता है.
दूसरी ओर, सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर वह ब्याज दर है जो बैंक तब चुकाते हैं जब उन्हें तुरंत नकदी की जरूरत होती है और बाजार से पैसा नहीं मिल रहा होता. ऐसे में वे RBI से एक दिन के लिए पैसा उधार लेते हैं, लेकिन इस पर उन्हें ज्यादा ब्याज देना पड़ता है क्योंकि यह एक तरह की आपातकालीन व्यवस्था होती है.
आरबीआई गवर्नर ने कहा, "अगस्त की नीतिगत बैठक के बाद से, तेज़ी से बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बीच घरेलू मोर्चे पर हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों ने भारत में विकास और मुद्रास्फीति की गतिशीलता की स्थिति को बदल दिया है. अच्छे मानसून से उत्साहित, भारतीय अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में उच्च वृद्धि दर्ज करके अपनी मजबूती का प्रदर्शन जारी रखे हुए है." साथ ही, गवर्नर ने यह भी बताया कि मुख्य मुद्रास्फीति में काफी कमी आई है, जिससे एमपीसी को मौजूदा ब्याज दर रुख बनाए रखने में राहत मिली है.
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