भोपाल के रिटायर्ड दंपती के हत्या की इनसाइड स्टोरी,3 लाख के बदले दिया सवा करोड़ के घर का दानपत्र
भोपाल के ऐशबाग स्थित आंबेडकर कॉलोनी, सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और शकुंतला बारीक की हत्या का मामला अब ब्लाइंड मर्डर से निकलकर करोड़ों की संपत्ति की साजिश में बदल गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि महज तीन लाख रुपए के कर्ज के बदले करीब सवा करोड़ रुपए के मकान का कथित दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार कराया गया था, जो इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी बना।
3 लाख के बदले करोड़ों की डील
जांच के अनुसार, आर्थिक तंगी से जूझ रहीं शकुंतला बारीक को पैसों की जरूरत थी। उनकी भाभी शिवानी बारीक ने उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी कारोबारी श्रीकांत से कराई। श्रीकांत ने पांच लाख की जगह तीन लाख रुपए दिए और बदले में मार्च 2025 में मकान का दानपत्र तैयार कराया। इसमें शर्त थी कि हेमंत की मृत्यु के बाद मकान शकुंतला के नाम होगा और फिर वह इसे श्रीकांत को दान कर देंगी। हैरानी की बात यह रही कि हेमंत को इस दस्तावेज की भनक तक नहीं थी।
मकान की डील बनी हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, जब दंपती ने मकान बेचने की तैयारी शुरू की और सौदा लगभग तय हो गया, तब कथित दानपत्र बेकार होने की आशंका पैदा हुई। यहीं से हत्या की साजिश रची गई। आरोप है कि श्रीकांत ने अपने भाई शशिकांत के साथ मिलकर 24 जून 2026 की रात देसी पिस्टलों से दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी।
सीसीटीवी से खुला राज
बारिश की रात रेनकोट पहनकर पहुंचे दोनों आरोपी वारदात के बाद पैदल सुभाष नगर अंडरब्रिज तक गए और फिर अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और दर्जनों वाहन चालकों से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
मुख्य आरोपी श्रीकांत के खिलाफ पहले से लूट, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस तकनीकी, वित्तीय और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ रही है।