भोपाल के कमला नगर में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न क

भोपाल में पुलिस पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार को ही रातभर थाने में बैठाने का दावा

राजधानी भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक बुलेट मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद हुई। इसके बाद कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आर्यन सक्सेना, विशाल सक्सेना, अर्जुन सक्सेना और निकेश यादव नामक एक पुलिसकर्मी सहित कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें विवाद और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। फुटेज में एक पुलिसकर्मी हाथ में लाठी लेकर जाता हुआ भी नजर आता है।

महिला के साथ बदसलूकी का भी आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब घायल युवक की मां अपने बेटे को बचाने मौके पर पहुंचीं, तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। परिवार का कहना है कि महिला के साथ मारपीट की गई और धक्का देकर कीचड़ में गिरा दिया गया। इस घटना के बाद परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, लेकिन उन्हें न्याय मिलने के बजाय परेशान किए जाने का आरोप लगाया है।

एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप

पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद वे कमला नगर थाने पहुंचे, जहां उनका मेडिकल परीक्षण तो कराया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। परिवार का आरोप है कि थाना प्रभारी के निर्देश का हवाला देकर पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, न्याय की मांग करने पहुंचे पीड़ित परिवार को पूरी रात थाने में बैठाकर रखा गया। इस दौरान बनाए गए वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल

घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और थाने में रातभर बैठे पीड़ित परिवार के वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।