सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र से खुला बड़ा खेल!
राजधानी भोपाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। कमला नगर थाना पुलिस ने खुद को करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष बताने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नगर निगम सहित अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कम से कम छह युवाओं से लाखों रुपए वसूलने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है।
एलडीसी पद का कथित नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया
पुलिस के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पवन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। पवन ने बताया कि कोटरा निवासी आशु कुमार ने खुद को करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष बताते हुए नगर निगम भोपाल में एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने करीब तीन लाख रुपए ले लिए। कुछ समय बाद आरोपी ने पवन को एलडीसी पद का कथित नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया।
सरकारी नौकरी का लालच देकर ठगी का शिकार
जब पवन नियुक्ति पत्र लेकर नगर निगम कार्यालय जॉइनिंग के लिए पहुंचा, तो अधिकारियों ने जांच में दस्तावेज को पूरी तरह फर्जी बताया। इसके बाद पवन ने कमला नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने इसी तरह कई अन्य युवाओं को भी सरकारी नौकरी का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया है।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को करणी सेना का पदाधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। हालांकि करणी सेना के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष योगेंद्र सिंह देवड़ा ने साफ किया कि संगठन में आशु कुमार नाम का कोई व्यक्ति कभी जिला अध्यक्ष नहीं रहा।
पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया जा सके
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक छह पीड़ित सामने आए हैं, लेकिन यह संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने ऐसे सभी लोगों से आगे आने की अपील की है, जिन्होंने सरकारी नौकरी के नाम पर आरोपी को पैसे दिए हों, ताकि पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया जा सके।