भोपाल में 7 इंच बारिश से आफत, 50 से ज्यादा कॉलोनियां जलमग्न
राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस सीजन में पहली बार इतनी तेज बारिश हुई है। बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई इलाकों में जलभराव के कारण हालात बिगड़ गए। पुराने शहर समेत 50 से ज्यादा इलाकों में पानी भर गया।
VIP रोड और मिनाल की सड़कें बनीं तालाब
लगातार बारिश के चलते भोपाल की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। VIP रोड और मिनाल क्षेत्र की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। बैरसिया रोड पर भी पानी भरने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। कई जगह पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
शनिवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर तक रुक-रुककर जारी रही। कोलार रोड, नारियलखेड़ा, शिव नगर, करोंद, बैरसिया रोड, गांधी नगर, होशंगाबाद रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड और बैरागढ़ समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण
बारिश से प्रभावित इलाकों का मंत्री विश्वास सारंग ने दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलभराव और जल निकासी की स्थिति का जायजा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल पानी निकासी के निर्देश दिए। इस दौरान व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर उन्होंने कई अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
कलियासोत, केरवा और कोलार में बढ़ा पानी
लगातार बारिश का असर भोपाल के जलस्रोतों पर भी दिखाई दिया। कलियासोत डैम में करीब 1 फीट, केरवा डैम में 3 फीट और कोलार डैम में करीब 1 फीट पानी बढ़ गया है। जलस्रोतों में पानी बढ़ने से शहर में जल संकट को लेकर राहत की उम्मीद भी बढ़ी है।
नगर निगम अध्यक्ष ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
अतिवृष्टि के बाद जलभराव से प्रभावित लुंबिनी परिसर, अंबेडकर नगर और आराधना नगर का नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
जल निकासी और सफाई पर दिए निर्देश
नगर निगम अध्यक्ष ने अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल पानी निकासी, साफ-सफाई और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए निगम प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है।
बारिश ने राहत के साथ बढ़ाई मुश्किलें
भोपाल में लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने जलस्रोतों को तो भर दिया, लेकिन शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालना और लोगों को राहत पहुंचाना है।