भोपाल में तीन बाघों की सक्रियता से बढ़ी दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कलियासोत, केरवा और चंदनपुरा क्षेत्र में इन दिनों तीन बाघों की लगातार मौजूदगी से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और लोगों से जंगल, नदी किनारे तथा सुनसान क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
वन विभाग ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी
शनिवार सुबह चंदनपुरा के पास एक बाघ सड़क पर टहलता हुआ दिखाई दिया। राहगीरों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे एक दिन पहले भी इसी इलाके में घूमने आए एक दंपती का बाघ से आमना-सामना हो गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद वन विभाग ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है।
क्षेत्र में फिलहाल तीन बाघ सक्रिय
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कलियासोत और केरवा क्षेत्र में फिलहाल तीन बाघ सक्रिय हैं। इनमें एक वयस्क शावक और दो अन्य बाघ शामिल हैं। हालांकि बारिश के कारण पगमार्क स्पष्ट नहीं मिल रहे हैं, इसलिए सड़क पर दिखाई देने वाले बाघ की सटीक पहचान अभी नहीं हो सकी है। विभाग की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और बाघों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें
बाघों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या नदी किनारे न जाएं और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
पर्यावरण एवं बाघ मित्र राशिद नूर ने भी प्रशासन और वन विभाग को पत्र लिखकर चंदनपुरा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित घोषित करने तथा पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह इलाका लंबे समय से बाघों का प्राकृतिक क्षेत्र रहा है और यहां मानव गतिविधियों को सीमित किया जाना चाहिए।
दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई
वन विभाग ने बताया कि बारिश के मौसम में भोजन, पानी और नए क्षेत्र की तलाश में बाघों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।