भोपाल में कलियासोत डैम के पास दिखा टाइगर, सड़क पार करते कैमरे में कैद हुआ बाघ
राजधानी भोपाल में एक बार फिर टाइगर की मौजूदगी ने लोगों को हैरान कर दिया है। कलियासोत डैम के पास रात के समय एक वयस्क बाघ सड़क पार करता हुआ दिखाई दिया। राहगीरों ने इस पूरे नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में बाघ की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
12 मिनट के वीडियो में दिखा बाघ का मूवमेंट
जानकारी के अनुसार यह वीडियो करीब 5 से 6 दिन पुराना बताया जा रहा है, जो बुधवार को सामने आया। लगभग 12 मिनट के वीडियो में बाघ सड़क पार करते हुए नजर आ रहा है। कुछ देर रुकने के बाद वह धीरे-धीरे झाड़ियों के बीच चला गया। वीडियो में बाघ पूरी तरह स्वस्थ और वयस्क दिखाई दे रहा है।
एक्सपर्ट बोले- यह बाघों का प्राकृतिक इलाका
बाघ मित्र राशिद नूर के मुताबिक कलियासोत डैम, चंदनपुरा, केरवा और आसपास के जंगल बाघों का प्राकृतिक क्षेत्र हैं। यहां कई टाइगर पहले से मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वाल्मी की पहाड़ियों में भी बाघों की गतिविधियां देखी गई हैं। ऐसे में कलियासोत इलाके में बाघ का दिखना कोई असामान्य घटना नहीं है।
भोपाल के आसपास 25 किलोमीटर तक बाघों का मूवमेंट
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार भोपाल शहर के आसपास करीब 25 किलोमीटर के क्षेत्र में बाघों की आवाजाही बनी रहती है। कलियासोत और केरवा के जंगलों के अलावा कोलार और बैरसिया क्षेत्र में भी कई बार टाइगर देखे गए हैं। साल 2022 में चूना भट्टी स्थित भोज यूनिवर्सिटी परिसर में भी बाघ की मौजूदगी सामने आई थी।
भोपाल में 13 रेसिडेंशियल टाइगर मौजूद
जानकारी के मुताबिक कलियासोत, केरवा, समरधा, अमोनी और भानपुर के जंगल क्षेत्र में करीब 13 रेसिडेंशियल टाइगर हैं। इनका जन्म भी इन्हीं इलाकों में हुआ है और अब यही क्षेत्र उनका ठिकाना बन चुका है। बाघिन टी-123 का परिवार भी इसी क्षेत्र में सक्रिय है।
प्रकृति और विकास के बीच संतुलन जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि भोपाल के जंगल और शहर की सीमाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। जैसे-जैसे शहरी विस्तार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे वन्यजीवों की मौजूदगी भी सामने आ रही है। ऐसे में विकास के साथ-साथ जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।