भोपाल में प्रमिला तिवारी द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्

भोपाल में अटल आवास से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा, रीवा तक फैला प्रमिला का ठगी नेटवर्क

भोपाल में अटल आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने के नाम पर हुई ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी के फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रमिला और उसके सहयोगियों का नेटवर्क केवल आवास योजना तक सीमित नहीं था, बल्कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भी कई जिलों के युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की गई।

मंत्रियों के कथित हस्ताक्षर भी लगाए जाते थे

जांच के अनुसार गिरोह भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना के बेरोजगार युवाओं को वन विभाग, रेलवे, एसबीआई, पीडब्ल्यूडी, एम्स और नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इसके लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे और उन पर वरिष्ठ अधिकारियों व मंत्रियों के कथित हस्ताक्षर भी लगाए जाते थे।

फर्जी दस्तावेज देकर ठगा गया

भोपाल के नवीन सौंधिया को वन विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया, जबकि राजीव विश्वकर्मा को एसबीआई में नौकरी का भरोसा दिलाया गया। रीवा निवासी राकेश दुबे की बेटी से पांच लाख रुपये लेकर पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने का दावा किया गया। इसी तरह जबलपुर, बैतूल और सतना के कई युवाओं को भी फर्जी दस्तावेज देकर ठगा गया।

डेढ़ महीने तक सर्वे कार्य भी कराया

पुलिस के मुताबिक गिरोह युवाओं का भरोसा जीतने के लिए सरकारी दफ्तरों के बाहर मुलाकात करता था। पहले से मौजूद लोग खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर पीड़ितों का विश्वास बढ़ाते थे। करोंद निवासी राहुल विश्वकर्मा और नवीन सौंधिया से नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए और उन्हें डेढ़ महीने तक सर्वे कार्य भी कराया गया।

दस्तावेजों की भी जांच की जा रही

गौरतलब है कि टीटीनगर पुलिस ने प्रमिला तिवारी को 18 जून को अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही अन्य शिकायतों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।