भोपाल सेंट्रल जेल में बंदी नीरज धाकड़ की मौत पर वि

भोपाल जेल पहुंचने के 2 दिन बाद बंदी की मौत, परिजनों का आरोप- पुलिस की मारपीट से बिगड़ी हालत

भोपाल सेंट्रल जेल में बंद 35 वर्षीय बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान रायसेन जिले के देवरी गांव निवासी नीरज धाकड़ के रूप में हुई है। नीरज को 7 अगस्त को सीमेंट चोरी के मामले में सूखी सेवनिया पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल परीक्षण कराकर उसे भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया था।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप

नीरज की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान नीरज के साथ मारपीट की गई थी। उनकी पत्नी पूजा का आरोप है कि नीरज के शरीर पर चोट के निशान थे और जेल पहुंचने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जेल प्रशासन ने बताया सीने में दर्द

दूसरी ओर, जेल प्रशासन ने मारपीट के आरोपों से अलग जानकारी दी है। भोपाल सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट मानवेंद्र सिंह परिहार के मुताबिक, नीरज ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी। उसकी हालत को देखते हुए उसे शनिवार को तत्काल हमीदिया अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मौत की असली वजह जांच के बाद होगी साफ

बंदी की मौत के बाद मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में गिरफ्तारी से लेकर थाने में हुई कार्रवाई, मेडिकल परीक्षण, जेल में दाखिले और अस्पताल में मिले उपचार तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर

पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है। परिजनों की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी जांच होगी। मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन के दावों के बीच बंदी की मौत कई सवाल खड़े कर रही है।