पहली बारिश में डूबा गांधी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल, 3.50 करोड़ के नवीनीकरण पर उठे सवाल
भोपाल के प्रतिष्ठित गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के सी-ब्लॉक बॉयज हॉस्टल की पहली ही बारिश में बदहाल स्थिति ने करोड़ों रुपये के नवीनीकरण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून की शुरुआती बारिश के बाद हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर में पानी भर गया, जिससे वहां रहने वाले मेडिकल छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हॉस्टल परिसर में जलभराव के कारण छात्रों की दिनचर्या प्रभावित हुई और उन्हें पानी के बीच आवाजाही करनी पड़ी।
बेहद चिंताजनक है
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि हॉस्टल के अंदर घुटनों तक पानी जमा है और छात्र अव्यवस्था के बीच रहने को मजबूर हैं। वीडियो सामने आने के बाद सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि राजधानी के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
पूरे प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है
सबसे बड़ा सवाल हॉस्टल के हालिया नवीनीकरण को लेकर उठ रहा है। जानकारी के अनुसार, सी-ब्लॉक बॉयज हॉस्टल का करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया गया था। इसके बावजूद पहली ही सामान्य बारिश में जलभराव होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना पर सवाल खड़े करता है। यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी, तो यह पूरे प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है।
खराब ड्रेनेज सिस्टम को जलभराव की मुख्य वजह
प्रारंभिक तौर पर खराब ड्रेनेज सिस्टम को जलभराव की मुख्य वजह माना जा रहा है। छात्रों और स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब मांग उठ रही है कि नवीनीकरण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई।फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं.