भोपाल की अदालत ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के लिए

“मैं पढ़ना चाहती हूँ…” 13 साल की बच्ची से रेप के आरोपी को दी 20 साल की सजा

भोपाल की विशेष अदालत ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा दी है। साथ ही पीड़िता की पढ़ाई के लिए 4 लाख रुपये का मुआवजा भी दिलवाया है। यह मामला भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र का है। 24 जून 2021 को 13 वर्षीय मासूम बच्ची अपने घर में अकेली बैठकर पढ़ाई कर रही थी। उसकी मां का पहले ही देहांत हो चुका था। क्षेत्र का ही 60 वर्षीय परिचित अब्दुल सलीम कुरैशी ने इसी का फायदा उठाकर बच्ची के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद सहमी हुई बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। 

20 वर्ष की सजा सुनाई..

पीड़िता के चाचा ने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित किया। चाइल्ड हेल्पलाइन की त्वरित दखल के बाद निशातपुरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सुनवाई के दौरान जब बिन मां की इस मासूम बच्ची ने कोर्ट से कहा कि वह आगे पढ़ना चाहती है, तो विशेष न्यायाधीश ने उसकी भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया। कोर्ट ने आरोपी अब्दुल सलीम कुरैशी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई। 

भविष्य को भी प्राथमिकता दी जाती है

इसके अलावा पीड़िता की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरोपी पर 4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे पीड़िता की पढ़ाई की क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। कोर्ट का यह फैसला समाज के लिए मजबूत संदेश है। इससे स्पष्ट होता है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों पर अदालत सख्त रुख अपनाती है। साथ ही पीड़िताओं के पुनर्वास और भविष्य को भी प्राथमिकता दी जाती है। 

अब बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का मौका मिलेगा

यह फैसला सिर्फ सजा नहीं, बल्कि एक अनाथ बच्ची के टूटे हौसलों को नई उड़ान देने वाला निर्णय है। पूरे भोपाल और प्रदेश में इस फैसले की सराहना हो रही है। चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे संवेदनशील फैसले न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते हैं, बल्कि समाज में कानून के शासन को मजबूत बनाते हैं। 13 साल की इस मासूम बच्ची को अब बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का मौका मिलेगा।