कांग्रेस PAC बैठक में फिर दिखी अंदरूनी कलह, दिग्विजय- कमलनाथ की दूरी से सियासी हलचल तेज
राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को हुई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक एक बार फिर पार्टी की अंदरूनी खींचतान का मंच बन गई। बैठक में संगठनात्मक मुद्दों और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा तो हुई, लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी ने सियासी हलचल बढ़ा दी।
वरिष्ठ नेता अजय सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और वरिष्ठ नेता अजय सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे लेकर यह भी कहा जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं।
स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए
बैठक में वीर भारत न्यास और जमीन से जुड़े विवादों का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा। इस दौरान नेताओं के बीच तीखी बहस जैसी स्थिति भी बनी। दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच कथित विवाद को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें यह सवाल उठाया गया कि दोनों पक्षों के बयानों से जनता के बीच गलत संदेश गया है और स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
फिर कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए
कुछ नेताओं ने जमीन मामले पर पारदर्शिता की मांग करते हुए सवाल उठाए, वहीं आरिफ मसूद और प्रवीण पाठक ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताई। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि इस पूरे विवाद को लेकर जनता में भ्रम की स्थिति बनी है, जिसे जल्द दूर करना जरूरी है।लंबी चर्चा के बाद बैठक में यह सहमति बनी कि जमीन विवाद और अन्य मुद्दों पर AICC की लाइन के आधार पर आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर भी कांग्रेस द्वारा राज्यव्यापी प्रदर्शन करने की रणनीति तय की गई है।
बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर तो सहमति बनी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी और आंतरिक मतभेदों ने एक बार फिर कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।