स्काई रूट एयरोस्पेस द्वारा निर्मित विक्रम-1, भारत

'विक्रम-1' का पहला ऑर्बिटल लॉन्चिंग सफल, सीएम डॉ. मोहन ने कहा - नए कीर्तिमान गढ़ रहा भारत

'विक्रम-1' का पहला ऑर्बिटल लॉन्चिंग सफल

स्काई रूट एयरोस्पेस द्वारा तैयार किए गए देश के पहले निजी प्रक्षेपण यान (लांच व्हीकल) विक्रम-1 का पहला ऑर्बिटल लांचिंग 18 जुलाई को सफल रहा। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचारों के साथ लगातार नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। यह उपलब्धि नए भारत के दृढ़ संकल्प, युवा वैज्ञानिकों के नवाचार और देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को बधाई 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता वैश्विक अंतरिक्ष जगत में भारत की प्रतिष्ठा को और भी बढ़ाएगी। इस पहले प्रायवेट लांचिंग व्हीकल विक्रम-1 से ऑन डिमांड स्पेस लांचिंग सेवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड ESRO का था। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी की स्थापना 2018 में 2 दोस्तों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका ने की थी।

स्पेस सेक्टर के लिए बड़ी कामयाबी 

विक्रम-1 को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा में इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 12:05 बजे लॉन्च किया गया। स्काईरूट ने 2022 में विक्रम-S सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 89.5 km की ऊंचाई तक गया था। अब विक्रम-1 450 km की पृथ्वी की सर्कुलर निचली कक्षा तक पहुंच गया है। इसे भारत के स्पेस सेक्टर के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।