पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वी

CM मान वीडियो विवाद: पर्याप्त सबूतों के दावों के बावजूद पंजाब पुलिस अधिकारियों से अब तक पूछताछ नहीं

CM मान वीडियो विवाद: पर्याप्त सबूतों के दावों के बावजूद पंजाब पुलिस अधिकारियों से अब तक पूछताछ नहीं

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित विवादित वीडियो प्रकरण में गुरुग्राम पुलिस की जांच एक बार फिर चर्चा में है। जांच एजेंसियों के पास कथित तौर पर कई अहम साक्ष्य होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पंजाब पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों से अब तक औपचारिक पूछताछ नहीं की गई है। इसे लेकर जांच की दिशा और गति पर बुधवार को सवाल उठने लगे हैं।

पंजाब सीएम भगवंत मान

फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के आरोप में पहले ही दर्ज हो चुकी है एफआईआर

इस मामले में गुरुग्राम पुलिस पहले ही फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के आरोप में अरुण और अंकित नामक दो व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। दोनों आरोपियों को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया और बाद में 2 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सीएम भगवंत मान ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

कथित वीडियो सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की, जबकि भगवंत मान ने वायरल वीडियो से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से यह पूरा घटनाक्रम रचा गया है।

शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

मामले के शिकायतकर्ता जसप्रीत सिंह ने आरोप लगाया है कि 15 जून को गुरुग्राम के एक होटल में उनकी मुलाकात दो ऐसे व्यक्तियों से कराई गई, जिन्होंने खुद को पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बताया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनसे ऐसी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने को कहा गया, जिसमें वायरल वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से निर्मित या छेड़छाड़ किया हुआ बताया जाए। साथ ही रिपोर्ट में यह भी उल्लेख करने का कथित दबाव बनाया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं।

लेन-देन और होटल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

पंजाब पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जांच के दौरान यह भी दावा किया गया है कि संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ता की होटल में मुलाकात, सीसीटीवी फुटेज, ठहरने का रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेज जांच एजेंसियों के पास मौजूद हैं। गुरुग्राम पुलिस पहले यह भी कह चुकी है कि फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने के लिए 10 लाख रुपये के भुगतान का पता लगाया गया है। हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ पर बनी हुई है नजर

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आगे चलकर पंजाब पुलिस के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई थी। ऐसे में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, जबकि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।