पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडि

पंजाब सीएम मान वीडियो विवाद में नया मोड़: फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट के आरोप में FIR, दो गिरफ्तार

पंजाब सीएम मान वीडियो विवाद में नया मोड़: फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट के आरोप में FIR, दो गिरफ्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वायरल वीडियो विवाद ने नया और अहम मोड़ ले लिया है। वीडियो को फर्जी और एआई जनित साबित करने के लिए कथित तौर पर तैयार की गई एक संदिग्ध फोरेंसिक रिपोर्ट के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्रतीकात्मक तस्वीर

कुछ समय पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि उसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद एक डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि वीडियो एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया है और उसमें दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं हैं।

हालांकि, अब जांच एजेंसियों का दावा है कि मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देने के उद्देश्य से तैयार की गई यह फोरेंसिक रिपोर्ट ही संदिग्ध है। इसी आधार पर गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

स्वपन और जसनदीप की गिरफ्तारी

जांच के दौरान पुलिस ने स्वपन और जसनदीप नामक दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। आरोप है कि इन दोनों की भूमिका कथित फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने और उसे आगे बढ़ाने में रही। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन लोग थे और क्या इसमें किसी सरकारी अधिकारी या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति की भी भूमिका रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

पुलिस जांच में नए खुलासों की संभावना

गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांचकर्ताओं को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कथित बैठकों और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है।

राजनीतिक घमासान शुरू

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है।  फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फोरेंसिक रिपोर्ट कैसे तैयार हुई, उसे किसने प्रायोजित किया और उसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।