बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेरफेर का आरोप, लैपटॉप गायब, SIT जांच की मांग
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में हेरफेर के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को 10 से 12 सालों के अंदर दिए गए 20 से 25 लैपटॉप का कोई हिसाब-किताब मौजूद नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, गायब लैपटॉप समिति से जुड़े लोग अपने साथ ले गए।
लैपटॉप गायब
वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मामले को लेकर जानकारी नहीं होने पर जांच कराने की बात कही। मंदिर समिति के स्टॉक रजिस्टर में भी इन लैपटॉप का जिक्र नहीं किया गया है। ये लैपटॉप मंदिर समिति के ऑफिस में इस्तेमाल के लिए SBI, PNB, कैनरा बैंक ने दिए थे। वहीं, मंदिर समिति ने 4 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर 7 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन 3 दिन बाद भी जांच कमेटी मौके पर नहीं पहुंची है। अब कमेटी के सदस्य 9 जुलाई को मौके पर पहुंचेंगे।
SIT जांच की मांग
इसी बीच CEO सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई को दान-चढ़ावे की गिनती में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब देने की समयसीमा 6 जुलाई को खत्म हो गई। समिति इन जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। भैरव सेना ने विभागीय जांच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT जांच की मांग की।
विवाद की शुरुआत
विवाद की शुरुआत 2 जुलाई हुई, एक कथित CCTV वीडियो सामने आने के बाद हुई। इसमें चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। भैरव सेना का दावा है कि उसे मंदिर समिति के सूत्रों से पहले भी इस तरह की जानकारी मिली थी। संगठन ने 3 जुलाई को BKTC के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ से शिकायत की थी।