उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अन

आस्था के सबसे बड़े धामों में से एक बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी का आरोप... आखिर दानपात्र से किसने उड़ाए पैसे ?

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है। मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन और बदरी-केदार मंदिर समिति यानी बीकेटीसी में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी

आरोप है कि बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सहायक पर मंदिर के चढ़ावे में अनियमितता और कथित चोरी के आरोप लगे हैं। मामला सामने आते ही बीकेटीसी ने तत्काल जांच शुरू करने का फैसला लिया। समिति में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसमें बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी और केदारनाथ के प्रभारी अधिकारी भी सदस्य हैं। बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने जांच समिति के गठन की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

सच्चाई जनता के सामने आ सके

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की विधानसभा की संयुक्त समिति या न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

पारदर्शिता पर भी बड़े सवाल खड़े करेगा

गणेश गोदियाल ने कहा कि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धार्मिक संस्थानों की व्यवस्था और पारदर्शिता पर भी बड़े सवाल खड़े करेगा।