बद्रीनाथ धाम में चंदन की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग
बद्रीनाथ धाम चढ़ावे के बाद भगवान बदरी नारायण के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की।
नारायण का चंदन से अभिषेक
यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब मंदिर में दान-चढ़ावे को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं। रावल की शिकायत के बाद BKTC ने माना है कि चंदन की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी। धाम में प्रतिदिन प्रातःकाल भगवान बदरी नारायण का चंदन से अभिषेक किया जाता है। इसके लिए डिमरी पंचायत के हक-हकूकधारी चंदन (श्रीखंड) घिसकर तैयार करते हैं। रात में इसे सोना-चांदी के कटोरीनुमा पात्र (तम्या) में रखकर गर्भगृह में सुरक्षित रखा जाता है। अगले दिन अभिषेक के बाद यही चंदन उतारकर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
10 क्विंटल चंदन का इस्तेमाल
सूत्रों के अनुसार BKTC ने पिछले 2 सालों से चंदन की खरीद नहीं की है। वर्तमान में अभिषेक के लिए पूरी तरह दान में मिले चंदन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया गया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी की ओर से दान किए गए 10 क्विंटल चंदन का इस्तेमाल फिलहाल चल रहा है। वहीं, उद्योगपति कनोडिया बंधुओं की ओर से दान किए गए 2 क्विंटल प्रीमियम गुणवत्ता वाले चंदन का उपयोग अभी शुरू नहीं किया गया है।