भोपाल के IPS स्कूल में चड्डी-बनियान गैंग ने कई कार

भोपाल के IPS स्कूल में चड्डी-बनियान गैंग का धावा, 3.92 लाख रुपए की चोरी

राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित नर्मदापुरम रोड के IPS स्कूल में चड्डी-बनियान गैंग ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश रात के समय स्कूल परिसर में घुसे और एक-एक कर कई कार्यालयों के ताले तोड़ दिए। इसके बाद प्रिंसिपल कार्यालय में रखी दो दिन की फीस के 3 लाख 92 हजार 280 रुपए चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।

स्कूल खुलते ही सामने आई चोरी की वारदात

पुलिस के अनुसार स्कूल के मैनेजर प्रदीप पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई की शाम स्कूल बंद किया गया था। 20 जुलाई की सुबह जब स्कूल खोला गया तो स्टाफ ने देखा कि प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल और पीए टू प्रिंसिपल के कार्यालयों के ताले और हैंडल टूटे हुए थे। जांच में अकाउंट सेक्शन, स्टोर और मुख्य गेट सहित कई जगहों पर भी तोड़फोड़ मिली।

प्रिंसिपल कार्यालय से गायब मिले 3.92 लाख रुपए

जब प्रिंसिपल कार्यालय की जांच की गई तो ड्रॉअर में रखी दो दिन की फीस की राशि, कुल 3 लाख 92 हजार 280 रुपए, गायब मिली। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

CCTV में कैद हुए तीन बदमाश

स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन संदिग्ध बदमाश दिखाई दिए। फुटेज में आरोपी केवल चड्डी-बनियान पहने हुए थे और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। बदमाश बेहद सुनियोजित तरीके से अलग-अलग कमरों के ताले तोड़ते और नकदी लेकर फरार होते नजर आए। पूरी वारदात कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।

पारदी गैंग की तर्ज पर हुई वारदात

पुलिस का कहना है कि चोरी का तरीका चड्डी-बनियान गैंग और पारदी गिरोह की कार्यप्रणाली से मिलता-जुलता है। इसी एंगल से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हैरानी की बात यह है कि स्कूल में दिन में पांच और रात में चार सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद बदमाश आसानी से परिसर में घुसकर लाखों की चोरी कर फरार हो गए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा गार्ड कहां थे और कहीं सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही तो नहीं हुई।