अंबिकापुर में एक महिला ने अपने पति द्वारा तीन बार

अंबिकापुर में महिला को पति ने दिया तीन तलाक

अंबिकापुर में महिला को पति ने दिया तीन तलाक

Ambikapur Triple Talaq: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक युवक ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया। इसकी शिकायत महिला ने थाने में की। इसके पहले भी महिला दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज करा चुकी थी।  

बताया जा रहा है कि, पति - पत्नी के बीच समझौता कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन पति ने पत्नी को साथ रखने से मना कर दिया। 

पत्नी ने दर्ज की शिकायत

पीड़ित पत्नी ने बताया कि-  'शादी के समय उसके परिवार ने घरेलू सामान के साथ 3 लाख रुपए कैश दिए थे। इसके बाद भी पति 5 लाख रुपए और दहेज की मांग कर रहा था। परेशान होकर वह अपनी बेटी के साथ मायके में रहने लगी थी। महिला थाना में दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई। लेकिन पति ने पत्नी को साथ रखने से मना कर दिया।'

सबके सामने दिया तीन तलाक

पति ने सबके सामने पत्नी को तीन बार "तलाक, तलाक, तलाक" कहकर 3 तलाक दे दिया।  फिर पत्नी ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मामला अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

करीब 4 साल पहले हुआ था निकाह

मिली जानकारी के मुताबिक, 31 वर्षीय सहाना बानो जो कि मोमिनपुरा की रहने वाली है। उसका निकाह 18 जून 2022 को सदर रोड निवासी शोएब खान से हुआ था। सहाना का आरोप है कि- 

'शादी के तीन महीने बाद ही पति और ससुराल पक्ष ने कम दहेज लाने की बात कहकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शादी के समय परिजनों ने घरेलू सामान के साथ 3 लाख रुपए नकद दिए थे, लेकिन इसके बाद भी 5 लाख रुपए अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी।'

लड़की को जन्म दिया तो बढ़ा विवाद

सहाना बानो ने बताया कि- 'बेटी के जन्म के बाद पति के साथ विवाद और बढ़ गया। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर वह कुछ महीने पहले अपनी बेटी के साथ मायके आकर रहने लगी। इसके बाद उसने महिला थाने में दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई। मामले में महिला थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को काउंसलिंग के लिए भी बुलाया था।'

परिवार के सामने दिया तीन तलाक

पीड़िता के मुताबकि, 6 जून को उसके परिवार के लोग बेटी को लेकर शोएब के घर पहुंचे थे, जिससे पति-पत्नी के बीच सुलाह करा सके। दोनों को साथ रहने की समझाइश दी। लेकिन शोएब ने सहाना को अपने पास रखने से मना कर दिया। और सबके सामने 3 बार तलाक कह दिया। इसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत की।

क्या है ये 3 तलाक कानून?

लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद अगस्त 2019 में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम लागू किया गया। इस कानून के प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं -

3 तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को पूरी तरह रद्द और गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। यह एक सं cognizable अपराध है, इसलिए पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। 

बता दें कि, आरोपी को 3 वर्ष तक की कैद की सजा हो सकती है। जमानत केवल मजिस्ट्रेट द्वारा दी जा सकती है, और वह भी तभी जब पीड़ित महिला का पक्ष सुन लिया जाए।

पीड़ित महिला अपने पति से गुजारा भत्ता (maintenance) मांग सकती है। इसकी राशि मजिस्ट्रेट तय करेगा। पीड़ित महिला अपने नाबालिग बच्चों की हिरासत अपने पास रख सकती है।