AAP नेता बलतेज पन्नू ने 'सतलुज' फिल्म पर दूसरा पक्

'सतलुज' फिल्म के विवाद में अब AAP की एंट्री:पन्नू बोले-दूसरा पक्ष दिखाने को धुरंधर 3 बनाएं; बिट्टू चाहें तो रोल कर लें

'सतलुज' फिल्म के विवाद में अब AAP की एंट्री:पन्नू बोले-दूसरा पक्ष दिखाने को धुरंधर 3 बनाएं; बिट्टू चाहें तो रोल कर लें 

पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म सतलुज पर राज्य की राजनीति भी गरमाई हुई। लेकिन इतना काफी नहीं था कि इस मामले में अब पंजाब की आम आदमी पार्टी की एंट्री हुई है।

AAP नेता बलतेज सिंह पन्नू का कहना है कि

अगर किसी को यह लगता है कि दूसरा पक्ष भी दिखाना चाहिए तो उसका कौन विरोध कर रहा है? दिखाए यह धुरंधर 3 बना लें। उसमें बिट्‌टू जी चाहे तो वो भी रोल कर लें।

जानिए पन्नू ने आगे क्या कहा

1. बलतेज पन्नू ने कहा कि देखिए यह जो फिल्म है उस पूरे दौर के बारे में फिल्म नहीं है। जैसे वो कश्मीर फाइल्स या केरल फाइल्स फिल्म हमने देखी थी। ये उस दौर के दौरान जो इनोसेंट किलिंग्स और ह्यूमन राइट्स के साथ जुड़ा हुआ इशू था उसके ऊपर ये फिल्म बनी है।

2. अगर किसी को यह लगता है कि दूसरा पक्ष भी दिखाना चाहिए तो उसका कौन विरोध कर रहा है? दिखाए यह धुरंधर 3 बना लें। उसमें बिटू जी चाहे तो वो भी रोल करले।

बिट्‌टू ने कहानी को एकतरफा बताया

केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू ने फिल्म में किए गए उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें उग्रवाद के दौर के दौरान 25 हजार लोगों के लापता होने या अवैध रूप से अंतिम संस्कार किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ को चुनौती देते हुए कहा कि 

यदि इस दावे के समर्थन में सरकारी रिकॉर्ड, अदालत का फैसला या कोई ठोस दस्तावेजी सबूत है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। बिट्टू ने कहा कि यदि यह दावा सही साबित हो जाता है, तो वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। अन्यथा फिल्म निर्माताओं को फिल्म में स्पष्टीकरण देना होगा या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

व्यावसायिक लाभ कमाने का लगाया है आरोप

बता दे बिट्टू ने आरोप लगाया कि फिल्म में केवल एकतरफा कहानी दिखाकर व्यावसायिक लाभ कमाने की कोशिश की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आतंकवाद के दौर में जान गंवाने वाले हजारों निर्दोष नागरिकों, हिंदुओं, सिखों और पंजाब पुलिस के जवानों के बलिदान तथा उनके परिवारों के दर्द को फिल्म में जगह क्यों नहीं दी गई।