झारखंड

रांची के तीनों बस टर्मिनल का होगा नया रूप, 48.72 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस

न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: राजधानी रांची के तीन प्रमुख बस टर्मिनल आईटीआई बस स्टैंड, सरकारी बस डिपो और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कायाकल्प किया जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के क्रम में इन टर्मिनलों के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के निर्देश दिए हैं. नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने प्रधान सचिव सुनील कुमार के माध्यम से जुडको को सभी टेंडर शीघ्र निष्पादित करने और कार्य आरंभ करने का आदेश दिया हैं. कुल स्वीकृत बजट 48.72 करोड़ रुपये रखा गया हैं. इसमें आईटीआई बस स्टैंड के लिए 24.77 करोड़, सरकारी बस डिपो के लिए 20.19 करोड़ और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल के लिए 3.76 करोड़ रुपये की राशि शामिल हैं.

आईटीआई बस स्टैंड आईटीआई बस स्टैंड अब आधुनिक और आकर्षक बनेगा. यह तीन एकड़ क्षेत्र में फैलेगा, जिसमें ग्राउंड फ्लोर 2330 वर्गमीटर और प्रथम तल पर 880 वर्गमीटर का टर्मिनल भवन होगा. बसों के संचालन के लिए 13 बस-वे बनाए जाएंगे और 35 बसों के लिए स्टैंड-बाय पार्किंग की सुविधा रहेगी. प्रतिदिन यहां 416 बसों का परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा.

नई सुविधाएं:

  1. ड्राइवर कैफेटेरिया
  2. मेंटेनेंस शेड
  3. गार्ड रूम
  4. स्लाइडिंग प्रवेश द्वार
  5. वातानुकूलित प्रतीक्षालय
  6. फूड कियोस्क
  7. परिवहन कार्यालय
  8. कैफेटेरिया

सरकारी बस डिपो  1962-1970 में बने सरकारी बस डिपो को अब जर्जर स्थिति से बाहर लाकर 20.19 करोड़ रुपये की लागत से इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा. पुराने भवन को तोड़कर नया टर्मिनल भवन बनाया जाएगा. नया भवन 1771 वर्गमीटर ग्राउंड फ्लोर और 845 वर्गमीटर प्रथम तल पर सुविधाओं से लैस होगा. यहां प्रतिदिन 512 बसों का परिचालन होगा.

बिरसा मुंडा बस टर्मिनल  बिरसा मुंडा बस टर्मिनल का वर्तमान ढांचा बनाए रखते हुए इसे और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा. 11.6 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस परिसर में 31 बस-वे, 89 बसों और 70 कारों के लिए पार्किंग, स्मार्ट शेड, 50 बेड की डॉरमेट्री, रेस्टरूम, स्नानागार, गेस्टहाउस, हाईमास्ट लाइट, बाउंड्री वाल और महिला सुरक्षा की विशेष व्यवस्था होगी. परिसर का लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा. ये तीनों परियोजनाएं पूरी होने के बाद रांची के बस टर्मिनल न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मॉडल स्टैंडर्ड के रूप में देखे जाएंगे. यात्रियों को सुरक्षा, स्वच्छता और आधुनिक सुविधाओं का बेहतर अनुभव मिलेगा.

यह भी पढ़े: IndiGo फ्लाइट संकट की खुली पोल! एयरलाइन ने बताए 7 दिनों की अव्यवस्था का असली खेल