17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने बीडब्ल्यूएफ ताइपे ओपन सुप

18 साल बाद साइना नेहवाल के बाद तन्वी ने जीता बीडब्ल्यूएफ ताइपे ओपन सुपर-300 का खिताब

भारत के लिए गर्व का विषय हैं करीब 18 साल बाद किसी भारतीय महिला ने बीडब्ल्यूएफ ताइपे ओपन सुपर-300 का खिताब अपने नाम किया ही इससे पहले 2008 में साइना नेहवाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। पंजाब की 17 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने बीडब्ल्यूएफ ताइपे ओपन सुपर 300 महिला एकल का खिताब जीत लिया है। उन्होंने फाइनल में वियतनाम की न्गुएन थुई लिन्ह को सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराया। यह जीत तन्वी के करिअर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तन्वी को उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है।

18 साल बाद भारतीय ने जीता खिताब  

इस जीत के साथ तन्वी ताइपे ओपन सुपर 300 का खिताब जीतने वाली भारत की सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं। लगभग 18 वर्ष बाद किसी भारतीय महिला ने यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीता है। इससे पहले 2008 में साइना नेहवाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। विश्व जूनियर नंबर-1 रह चुकी तन्वी पिछले दो वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में तेजी से उभरी हैं। उन्होंने जूनियर स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। अब वह सीनियर सर्किट में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। 

तन्वी विश्व रैंकिंग में शीर्ष-35 खिलाड़ियों में स्थान बनाकर भारत की युवा शटलरों में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे मां और कोच मीना शर्मा की मेहनत का बड़ा योगदान है। होशियारपुर के स्थानीय कोर्ट से शुरू हुआ यह सफर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दी बधाई

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया के माध्यम से होशियारपुर की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा को उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए इसे पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महज 17 वर्ष की आयु में बीडब्ल्यूएफ ताइपे ओपन सुपर-300 का खिताब जीतकर तन्वी ने न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी बेटी खेलों के क्षेत्र में इसी तरह नई बुलंदियां हासिल करती रहे और पंजाब तथा देश का नाम लगातार रोशन करती रहे। उन्होंने तन्वी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसके आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

फाइनल के बाद बोलते हुए तन्वी ने कहा 

अपने करियर की शुरुआत में ही इतनी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने से वह बेहद रोमांचित हैं। “मैं यह खिताब जीतकर बहुत खुश हूं। मैंने एक समय में एक ही मैच पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की और हर राउंड में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। फाइनल से पहले मैं थोड़ी घबराई हुई थी, लेकिन मैंने खुद को लगातार सकारात्मक रहने, अपना 100 प्रतिशत देने और अपनी खेल योजना पर टिके रहने के लिए प्रेरित किया,” उन्होंने कहा।

इस जीत के साथ तन्वी उन चुनिंदा भारतीय महिला एकल खिलाड़ियों के समूह में शामिल हो गई हैं जिन्होंने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 300 या उससे उच्च स्तर का खिताब जीता है। वह साइना नेहवाल, पीवी सिंधु और देविका सिहाग के साथ इस विशिष्ट क्लब में शामिल हो गई हैं। महज 17 साल की उम्र में, वह सुपर 300 स्पर्धा जीतने वाली दुनिया की तीसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी भी हैं।