राजस्थान

Tree Plantation: सिवाना-बालोतरा: वृक्षारोपण कर ‘हरियाला राजस्थान’ अभियान में निभाई भागीदारी

राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'हरियाला राजस्थान' एवं 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत राजस्थान ब्राह्मण महासभा जिला बालोतरा, ब्लॉक शाखा सिवाना तथा श्रीमाली समाज सिवाना द्वारा संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन सिवाना के श्रीमाली ब्राह्मण समाज मुक्तिधाम एवं बगीची परिसर में संपन्न हुआ।

[caption id="attachment_96732" align="alignnone" width="300"] Tree Plantation[/caption]

Tree Plantation: 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल उपस्थित रहे। उनके साथ समदड़ी मंडल अध्यक्ष देवेंद्र बोराणा, सिवाना अध्यक्ष जगदीश सिंह राजपुरोहित सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस अवसर पर 21 पौधों का रोपण किया गया। विधायक भायल ने कहा कि "वृक्ष पृथ्वी का श्रृंगार हैं" और हरीतिमा से ही वसुंधरा सुशोभित होती है। उन्होंने अपील की कि आधुनिक विकास की दौड़ में पर्यावरण की अनदेखी न करें। अधिकाधिक पौधे लगाएं और उन्हें संरक्षित कर अगली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण का उपहार दें।

Tree Plantation: मुक्तिधाम परिसर अब हरा-भरा

विधायक ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि समाज द्वारा तीन वर्ष पूर्व रोपे गए पौधे अब वृक्षों का रूप ले चुके हैं और मुक्तिधाम परिसर अब हरा-भरा, पुष्पित एवं पल्लवित हो गया है। उन्होंने समाज के इस पर्यावरणीय योगदान की सराहना की और इसे अनुकरणीय बताया।

समाज बंधु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे

इस कार्यक्रम में राजस्थान ब्राह्मण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुप शर्मा, जिलाध्यक्ष रमेश कुमार त्रिवेदी, जिला महामंत्री अशोक कुमार सिवाना, ब्लॉक अध्यक्ष हनुमान प्रसाद दवे, श्रीमाली समाज अध्यक्ष पुखराज ओझा, शिक्षाविद मदनलाल त्रिवेदी, ओमप्रकाश त्रिवेदी, युवा साथी महेश त्रिवेदी, राकेश ओझा समेत अनेक समाज बंधु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Tree Plantation: पौधे लगाएंगे और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करेंगे

कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल वृक्षारोपण करना था, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। उपस्थित सभी जनों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने स्तर पर अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करेंगे।

यह आयोजन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।