राजस्थान

School Infrastructure: मामचारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग बनी खतरा, छात्रों की पढ़ाई और जान दोनों खतरे में

School Infrastructure: राजस्थान के करौली जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मामचारी की हालत इन दिनों बेहद खराब है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। झालावाड़ में हुए स्कूल भवन हादसे के बावजूद जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। सपोटरा विधायक हंसराज मीणा की चुप्पी पर भी सवाल उठने लगे हैं।

[caption id="attachment_97017" align="alignnone" width="300"] School Infrastructure[/caption]

School Infrastructure: मरम्मत कार्य नहीं हुआ

सामाजिक कार्यकर्ता भंवर सिंह मीणा और अखिलेश का कहना है कि स्कूल के ये कमरे इतने खस्ताहाल हैं कि संस्था प्रधान को इन्हें ताला लगाकर बंद करना पड़ा है, जिससे किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके। वर्ष 2024 में इस समस्या की जानकारी कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी मरम्मत कार्य नहीं हुआ।

School Infrastructure: अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया

इस लापरवाही के कारण न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसी को लेकर आज बड़ी संख्या में स्थानीय युवा स्कूल पहुंचे और संबंधित विभागों को फिर से ज्ञापन देने की मांग की। विद्यालय की संस्था प्रधान मनीषा शर्मा ने बताया कि उन्होंने आज ही फिर से पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया है।

School Infrastructure: मूलभूत सुविधाओं का अभाव

फिलहाल छात्रों को स्कूल के ग्राउंड में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे बारिश या तेज धूप में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल को नवीन भवन में शिफ्ट किया जाना चाहिए, लेकिन वहां भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

School Infrastructure: कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकें

नवीन भवन में शौचालय, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि नए भवन में दो-तीन और कमरे बनाए जाएं ताकि सभी कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकें।

विद्यालय की दुर्दशा और जिम्मेदारों की अनदेखी पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और सभी ने मिलकर जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।