राजस्थान

जयपुर SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में आग: 8 मरीजों की दर्दनाक मौत

Jaipur SMS Hospital fire: जयपुर के प्रसिद्ध सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात भयावह आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई। हादसे में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। यह घटना पूरे शहर में शोक और चिंता का विषय बनी हुई है। [caption id="attachment_108958" align="alignnone" width="597"] जयपुर SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में आग[/caption]

आग कैसे लगी?

रविवार रात 11:20 बजे SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर में आग लगी। इस स्टोर में पेपर, आईसीयू का जरूरी सामान और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखे हुए थे। ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टर के मुताबिक, आग लगने की संभावना शॉर्ट सर्किट के कारण बताई जा रही है। हादसे के समय आईसीयू में कुल 11 मरीज थे, जबकि उसके बगल वाले आईसीयू में 13 मरीज भर्ती थे। प्रशासन ने बताया कि मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, लेकिन कुछ मरीजों को बचाया नहीं जा सका।

Jaipur SMS Hospital fire: 8 मरीजों की मौत 

अग्निकांड के परिणामस्वरूप 8 मरीजों की मौत हुई। मृतकों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। बाकी मरीजों को तत्काल पास के अन्य वार्डों में शिफ्ट किया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि आग लगने के तुरंत बाद भी अस्पताल में आपातकालीन इंतजाम पूरी तरह सक्षम नहीं थे, जिससे यह हादसा और भयानक बन गया।

6 सदस्यीय कमेटी गठित

राज्य सरकार ने इस अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इस कमेटी में विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। साथ ही FSL (Forensic Science Laboratory) की टीम मौके पर पहुंची और आग लगने के कारण और सबूत इकट्ठे किए। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट के अलावा किसी और कारण की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बयान

इस घटना पर कई राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की:
  • पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस हादसे को सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या करार दिया।
  • डोटासरा ने कहा कि यह हादसा अस्पताल की लापरवाही और अव्यवस्थाओं का परिणाम है।
  • डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे SMS हॉस्पिटल पहुंची
  • गृह मंत्री अमित शाह ने घटना को दुखद बताया।
  • राज्यपाल ने भी हॉस्पिटल अग्निकांड पर गहरा दुःख जताया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसे अत्यंत दुखद घटना बताया।
  • चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यदि लापरवाही सामने आती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
  • पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि यह हादसा अस्पताल की लापरवाही के कारण हुआ।

सीएम भजनलाल ने लिखा- घटना दुर्भाग्यपूर्ण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पर लिखा- ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जानकारी मिलते ही मैं हॉस्पिटल गया और घटना की जानकारी ली। प्रभावितों की हरसंभव मदद की जा रही है।

अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल

Jaipur SMS Hospital fire: हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन और नागरिक SMS ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्षम नहीं थीं। इस घटना ने पूरे राज्य में अस्पतालों में सुरक्षा और निगरानी के मानक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU और ट्रॉमा सेंटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों और ट्रेनिंग की कमी हादसों का कारण बन सकती है।

अग्निकांड के बाद प्रशासन की कार्रवाई

  • राजस्थान के DGP भी SMS हॉस्पिटल पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
  • प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से डिप्टी सीएम ने मुलाकात कर उनकी परेशानी समझी।
  • प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की संभावना पर बल दिया जा रहा है।