विधानसभा में ‘शराब के नशे’ के आरोपों पर घिरे सीएम मान, अकाली दल ने डोप टेस्ट की मांग उठाई
पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को तब नया विवाद खड़ा हो गया जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा सत्र के दौरान शराब के सेवन का आरोप लगाया गया। विपक्षी दलों, खासकर शिरोमणि अकाली दल, ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और मामले की जांच की मांग की है।
अकाली दल का आरोप, डोप टेस्ट की मांग
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान विधानसभा सत्र के दौरान शराब के प्रभाव में दिखाई दिए। पार्टी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री समेत आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों का डोप टेस्ट कराने की मांग की है।
विपक्ष का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो सरकार को पारदर्शिता दिखाते हुए जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए।
विधानसभा की गरिमा पर सवाल
विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा से जोड़ते हुए कहा कि विधानसभा जैसे गंभीर मंच पर इस तरह की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इसे “जनप्रतिनिधियों की छवि को धूमिल करने वाला” बताया।
अकाली दल के नेताओं ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर चुप्पी साधना सरकार के लिए और अधिक सवाल खड़े करता है।
AAP पर विपक्ष का हमला तेज
इस विवाद के बाद विपक्ष ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार आलोचनाओं का जवाब देने से बच रही है। हालांकि, इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच पंजाब की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है, खासकर यदि इस पर कोई औपचारिक जांच या बयान सामने आता है।