Ranchi Adivasi Hostel: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज रांची में आदिवासी हॉस्टल छात्रावास के निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उन्होंने सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार प्रकट किया। यह कार्यक्रम झारखंड सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आदिवासी समुदाय के उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शिक्षा और समग्र विकास में योगदान
मुख्यमंत्री सोरेन ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी हॉस्टल का निर्माण न केवल छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि उनकी शिक्षा और समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड सरकार आदिवासी और मूलवासी समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित है। यह हॉस्टल आदिवासी छात्रों को एक सुरक्षित और आधुनिक वातावरण प्रदान करेगा, जहां वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा होस्टल
यह परियोजना झारखंड सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में आदिवासी और पिछड़े वर्गों के लिए शिक्षा और आवास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। हॉस्टल का निर्माण आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें छात्रों के लिए उचित आवास, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, और अन्य आवश्यक संसाधन शामिल होंगे। यह परियोजना न केवल शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देगी, बल्कि आदिवासी समुदाय के युवाओं को समाज में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।
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Ranchi Adivasi Hostel: एक ऐतिहासिक पहल
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की। उन्होंने इसे आदिवासी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो उनकी शिक्षा और सामाजिक उन्नति में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के हर कोने में विकास की किरण पहुंचे और कोई भी वर्ग उपेक्षित न रहे।
CM ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भूमि किया भूमि पूजन
यह आयोजन रांची के करमटोली क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भूमि पूजन किया। इस दौरान उन्होंने सखुआ का पेड़ भी रोपा, जो आदिवासी संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह कदम उनकी उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आदिवासी परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण के प्रति है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि उनकी सरकार ने पहले भी आदिवासी हॉस्टल के जीर्णोद्धार और नए हॉस्टल निर्माण की योजनाओं को मंजूरी दी थी। यह नया हॉस्टल भी उसी दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जल्द शुरू होगी और निर्धारित समय पर पूरी की जाएगी।