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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गोविंद देव जी मंदिर में की मंगला आरती, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

Bhajanlal Sharma Govind Dev Ji Temple: राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 8 जून 2025 को जयपुर के प्रसिद्ध श्री गोविंद देव जी मंदिर में अपनी पत्नी के साथ मंगला आरती में भाग लिया। यह अवसर निर्जला एकादशी के ठीक बाद का था, जो हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है। मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना की और राजस्थान की सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। मंदिर के महंत ने उन्हें गोविंद देव जी का चित्र और प्रसाद भेंट किया। यह घटना न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रही।

मंगला आरती में मुख्यमंत्री 

जयपुर के सिटी पैलेस परिसर में स्थित गोविंद देव जी मंदिर, भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल है। रविवार सुबह करीब 4:30 बजे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचे और मंगला आरती में शामिल हुए। मंगला आरती, जो दिन की पहली आरती होती है, भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दौरान मंदिर में भक्ति भजनों, घंटियों की ध्वनि और अगरबत्ती की सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के दौरान भगवान गोविंद देव जी से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उनकी यह उपस्थिति श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और श्रद्धा का संचार करने वाली थी।

निर्जला एकादशी का महत्व

निर्जला एकादशी, जो ज्येष्ठ मास में पड़ती है, हिंदू धर्म में सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रतों में से एक माना जाता है। इस दिन भक्त बिना जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पवित्र दिन का पालन किया और व्रत के बाद मंगला आरती में भाग लिया। यह उनके धार्मिक विश्वास और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मंदिर में उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि वे न केवल प्रशासनिक, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी महत्व देते हैं। Read More: राजस्थान में जल क्रांति की शुरुआत: CM भजनलाल ने किया ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ का शुभारंभ

Bhajanlal Sharma Govind Dev Ji Temple: श्रद्धालुओं से मुलाकात 

मंगला आरती के बाद, मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। यह उनके जनसंपर्क और जनता के प्रति उनकी सुलभता को दर्शाता है। मंदिर के महंत, श्री अंजन कुमार गोस्वामी, जिन्होंने लंबे समय से मंदिर की सेवा और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली है, ने मुख्यमंत्री को गोविंद देव जी का चित्र और प्रसाद भेंट किया। यह सम्मान न केवल मुख्यमंत्री के प्रति मंदिर प्रबंधन की श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि इस आयोजन की गरिमा को भी बढ़ाता है। [caption id="attachment_86574" align="alignnone" width="422"] CM ने की श्रद्धालुओं से मुलाकात[/caption]

गोविंद देव जी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

गोविंद देव जी मंदिर, 18वीं शताब्दी में जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा स्थापित, गौड़ीय वैष्णव परंपरा का एक प्रमुख केंद्र है। मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण की मूर्ति को वृंदावन से लाया गया था और इसे भगवान कृष्ण के वास्तविक स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में प्रतिदिन सात आरतियां और भोग की परंपरा निभाई जाती है, जो इसे भक्तों के लिए विशेष बनाती है। जनमाष्टमी और राधाष्टमी जैसे त्योहारों पर यहां लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश

Bhajanlal Sharma Govind Dev Ji Temple: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि वे भगवान गोविंद देव जी के आशीर्वाद से प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी यह मंदिर यात्रा और श्रद्धालुओं से मुलाकात राजस्थान की जनता के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। उन्होंने मंदिर में बिताए पलों को आध्यात्मिक शांति और प्रेरणा का स्रोत बताया।