पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, जताई चिंता
पंजाब की राजनीति में मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। आम आदमी पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को असंवैधानिक करार देते हुए सीएम मान ने इसे ‘संविधान की हत्या’ बताया।
2 विधायक और 6 सांसद… यह कैसा लोकतंत्र?
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा में भाजपा के मात्र 2 विधायक हैं, लेकिन अब राज्यसभा में उनके 6 सांसद हो गए हैं।
यह कैसे संभव है?
मान ने तर्क दिया कि दलबदल कानून के तहत किसी पार्टी का विलय तभी मान्य होता है जब दो-तिहाई धड़ा प्रस्ताव पास करे।
बागी सांसदों पर साधा निशाना
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले ये लोग भाजपा को गुंडों और डराने-धमकाने वालों की पार्टी कहते थे, लेकिन आज वहां जाकर ये वाशिंग मशीन में धुल गए हैं। अगर वाकई इंकलाब लाना था, तो पद छोड़ते और भाजपा की टिकट पर दोबारा चुनकर आते।
संविधान में राइट टू रिकॉल की मांग
सीएम मान ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है जब संविधान में ‘राइट टू रिकॉल’ (वापस बुलाने का अधिकार) का प्रावधान शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि पंजाब के लोगों ने भारी बहुमत से विधायकों को चुना और उन विधायकों ने राज्यसभा सदस्य चुने। यह जनता का जनादेश था, जिसका इन सांसदों ने अपमान किया है।