पंजाब में AAP के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी मे

पंजाब में AAP पर सियासी संकट गहराया, विधायकों को साधने के लिए सीएम मान ने अपनाया मास्टरस्ट्रोक

पंजाब में AAP पर सियासी संकट गहराया, विधायकों को साधने के लिए सीएम मान ने अपनाया मास्टरस्ट्रोक

पंजाब की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा बगावती रुख अपनाते हुए बीजेपी का दामन थाम लेने के बाद सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह घटनाक्रम पार्टी के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट रखना और जनाधार बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।

संगठन बचाने की कवायद, बड़े स्तर पर बैठक

पंजाब सीएम भगवंत मान

इस संकट से निपटने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कमान संभाल ली है। पार्टी ने जालंधर में बुधवार (29 अप्रैल) को एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें करीब 1000 ऑब्जर्वर और सभी विधायक शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना, संगठन में विश्वास बनाए रखना और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। बैठक में भगवंत मान के साथ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहेंगे।

डैमेज कंट्रोल में जुटे मनीष सिसोदिया, संजय सिंह

सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने मौजूदा हालात को संभालने के लिए मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने अपने सांसदों और विधायकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्हें किसी भी संदिग्ध कॉल या संपर्क को रिकॉर्ड कर तुरंत वरिष्ठ नेतृत्व को सूचित करने के लिए कहा गया है, जिससे किसी संभावित टूट को समय रहते रोका जा सके।

राघव चड्ढा के ‘कुछ बड़ा होने वाला है’ बयान ने बढ़ाई बेचैनी

राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा के ‘कुछ बड़ा होने वाला है’ वाले बयान ने पहले ही अटकलों को हवा दी थी। हालांकि उस वक्त पार्टी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने के बाद अब हालात बदल गए हैं।

राघव चड्ढा

अब AAP नेतृत्व पूरी ताकत से संगठन को संभालने और संभावित राजनीतिक नुकसान को सीमित करने की कोशिश में जुट गया है।