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World Cancer Day 2025: जाने कितने प्रकार के होते हैं कैंसर..

World Cancer Day 2025: हर साल 4 फरवरी को पूरी दुनिया में विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस दिन कैंसर के बारे लोगों को जागरुक किया जाता है। जिससे लोगों को इस भायानक बीमारी से बचाया जा सके। कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जिससे हर साल लाखों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ती है। कैंसर के मामले युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं जो गंभीर चिंता का विषय है। आइए बताएं कैंसर कितने प्रकार के होते है। Read More : CM Sai World Cancer Day Awareness: "हम सभी कैंसर की प्रति स्वयं जागरूक रहें,जन-जागरूकता हेतु संकल्पित हों" - सीएम साय.

World Cancer Day 2025: कैंसर क्या है?

कैंसर शरीर की कोशिकाओं की एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और आसपास के ऊतकों या अंगों को नुकसान पहुँचाती हैं।और ट्यूमर बनाती हैं। कैंसर कई तरह के हो सकते हैं और अलग-अलग तरीकों से शरीर को प्रभावित कर सकते हैं। [caption id="attachment_59820" align="alignnone" width="300"] WHO Guidelines for World Cancer Day February 4[/caption]

World Cancer Day 2025: कैंसर के पाँच प्रमुख प्रकार...

1. कार्सिनोमा (Carcinoma)

कार्सिनोमा वह कैंसर है जो शरीर की एपिथेलियल कोशिकाओं से उत्पन्न होता है। ये कोशिकाएँ त्वचा और आंतरिक अंगों की झिल्ली को बनाती हैं। यह सबसे आम प्रकार का कैंसर है, जो त्वचा या अंगों के ऊपरी परत (एपिथेलियल टिशू) में शुरू होता है।

उप-प्रकार

1.एडेनोकार्सिनोमा – यह कैंसर ग्रंथियों में शुरू होता है, जो शरीर में बलगम और अन्य तरल पदार्थ बनाती हैं। 2.स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा – यह त्वचा और श्लेष्म झिल्ली की बाहरी परत में होता है। 3.बेसल सेल कार्सिनोमा – यह त्वचा कैंसर का एक आम प्रकार है, जो धीमी गति से बढ़ता है और घातक नहीं होता। 4.संक्रमणीय कार्सिनोमा – यह मूत्राशय, गुर्दे और मूत्रमार्ग की कोशिकाओं में होता है।

विशेषताएँ

- सबसे आम प्रकार का कैंसर है। - त्वचा, फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट, पेट और आंतों में विकसित हो सकता है।- धीमी या तेज़ गति से बढ़ सकता है, यह उसके प्रकार पर निर्भर करता है। उदाहरण: फेफड़ों, स्तन,त्वचा कैंसर, मूत्राशय कैंसर , मुंह का कैंसर, पेट, और प्रोस्टेट कैंसर आदि।

2. सार्कोमा (Sarcoma)

सार्कोमा एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है। यह कैंसर हड्डियों, मांसपेशियों, वसा, रक्त वाहिकाओं और संयोजी ऊतकों में विकसित होता है।

उप-प्रकार

1.ऑस्टियोसार्कोमा – यह हड्डियों में होने वाला कैंसर है, जो अधिकतर किशोरों और युवा वयस्कों में पाया जाता है। 2.लिपोसार्कोमा – यह वसा कोशिकाओं से उत्पन्न होता है। 3.लिम्फांजियोसार्कोमा – यह कैंसर लसीका प्रणाली में होता है। 4.फाइब्रोसार्कोमा– यह कैंसर संयोजी ऊतकों में होता है।

विशेषताएँ

- शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन आमतौर पर हड्डियों और मांसपेशियों में होता है। - यह कम सामान्य लेकिन आक्रामक प्रकार का कैंसर है। उदाहरण: 1. ऑस्टियोसार्कोमा,लिपोसार्कोमा, फाइब्रोसार्कोमा

3. ल्यूकेमिया (Leukemia)

ल्यूकेमिया रक्त और अस्थि-मज्जा को प्रभावित करने वाला कैंसर है। इसमें रक्त कोशिकाएँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और रक्त का संतुलन बिगड़ जाता है।

उप-प्रकार

1.तीव्र ल्यूकेमिया – यह तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है, जिसमें अस्थि-मज्जा में असामान्य कोशिकाएँ बहुत जल्दी बढ़ती हैं। 2.पुराना ल्यूकेमिया – यह धीरे-धीरे बढ़ने वाला कैंसर है, जिसमें रक्त कोशिकाएँ धीरे-धीरे असामान्य रूप लेती हैं।

विशेषताएँ

- यह "ब्लड कैंसर" के रूप में जाना जाता है। - अस्थि-मज्जा में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएँ बनती हैं, जो सामान्य कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। उदाहरण: क्रॉनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया और क्रॉनिक मायलॉइड ल्यूकेमिया, एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया और एक्यूट मायलॉइड ल्यूकेमिया।

4. लिंफोमा और मायलोमा (Lymphoma & Myeloma)

यह कैंसर प्रतिरक्षा प्रणाली से संबंधित होता है और मुख्य रूप से लसीका प्रणाली और प्लाज्मा कोशिकाओं को प्रभावित करता है।

उप-प्रकार

1.हॉजकिन लिंफोमा – इसमें विशेष प्रकार की असामान्य कोशिकाएँ पाई जाती हैं। 2.नॉन-हॉजकिन लिंफोमा – यह विभिन्न प्रकार के कैंसर को कवर करता है जो लिम्फोसाइट्स को प्रभावित करते हैं। 3.मल्टीपल मायलोमा – यह प्लाज्मा कोशिकाओं में होने वाला कैंसर है, जो हड्डियों और अस्थि-मज्जा को प्रभावित करता है।

विशेषताएँ

- यह लसीका ग्रंथियों को प्रभावित करता है। - शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। - यह अस्थि-मज्जा में उत्पन्न होता है और हड्डियों को प्रभावित करता है। - प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है।

5. सीएनएस कैंसर (CNS - Central Nervous System Cancer)

यह कैंसर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में विकसित होता है। सीएनएस कैंसर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। यह तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुँचाता है और व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

उप-प्रकार

1.ग्लियोमा – यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में ग्लियल कोशिकाओं से उत्पन्न होता है। 2. मेनिंजियोमा – यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा करने वाली परत में होता है। 3.मेडुलोब्लास्टोमा – यह मस्तिष्क में बच्चों में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है।

विशेषताएँ

  • - यह आमतौर पर ब्रेन ट्यूमर के रूप में होता है।
  • - यह कैंसर धीरे या तेजी से बढ़ सकता है।
  • - यह शरीर की कई कार्य प्रणालियों को प्रभावित करता है, जैसे बोलने, देखने, संतुलन बनाए रखने की क्षमता आदि।
इन सभी प्रकार के कैंसर के लक्षण अलग-अलग होते हैं और इनका इलाज भी भिन्न होता है। समय पर पहचान और सही उपचार से कैंसर का इलाज संभव है। [caption id="attachment_59861" align="alignnone" width="300"] Cancer[/caption]

World Cancer Day 2025: कैंसर के जोखिम कारक

1.तम्बाकू का प्रयोग: धूम्रपान और तम्बाकू उत्पादों के प्रयोग से विभिन्न प्रकार के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। 2.अत्यधिक शराब का सेवन: अत्यधिक शराब का सेवन कुछ कैंसरों के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है, जिनमें मुंह, गले और यकृत के कैंसर शामिल हैं। 3.शारीरिक गतिविधि का अभाव: गतिहीन जीवनशैली एक जोखिम कारक हो सकती है, क्योंकि नियमित शारीरिक गतिविधि से कुछ कैंसरों का जोखिम कम हो जाता है। 4.वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना: प्रदूषित वायु के संपर्क में लंबे समय तक रहने से, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में, कैंसर, विशेष रूप से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। 5.विकिरण के संपर्क में आना: व्यावसायिक या चिकित्सीय कारण से विकिरण के संपर्क में आना, जैसे कि एक्स-रे और कुछ उपचार, कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।