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World Boxing Championship 2025: जैस्मिन और नूपुर ने किया कमाल, वर्ल्ड बॉक्सिंग फाइनल में पहुंची भारत की बेटियां!

World Boxing Championship 2025: वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला बॉक्सरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 पदक पक्के कर लिए हैं। यह चैंपियनशिप लिवरपूल में चल रही हैं। वहीं 12 साल में पहली बार पुरुष मुक्केबाजों का सफर बिना मेडल के समाप्त हो गया। Read More: Asia Cup Women’s Hockey 2025: चीन ने भारत को 4-1 से हराया, मुमताज का इकलौता गोल!

जैस्मिन की क्लिनिकल जीत, फाइनल में ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट से टक्कर

महिला 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लैम्बोरिया ने वेनेजुएला की ओमाइलीन अल्काला को 5-0 से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। पूरे मुकाबले में जैस्मिन का दबदबा रहा। अब फाइनल में उनका सामना पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट जूलिया स्जेरेमेटा से होगा। यह जैस्मिन का पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल है।

नूपुर श्योराण ने भी किया कमाल...

महिला 80+ किलोग्राम वर्ग में नूपुर श्योराण ने तुर्की की सेमा दूजतास को 5-0 से हराकर फाइनल में एंट्री ली। दिग्गज बॉक्सर हवा सिंह की पोती नूपुर ने अपनी ऊँचाई और ताकत का शानदार इस्तेमाल किया। जुलाई में हुए वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का रीमैच जीतते हुए उन्होंने वही सफलता दोहराई।

मीनाक्षी और पूजा रानी ने दिलाया मेडल...

नॉन-ओलंपिक 48 किग्रा वर्ग में मीनाक्षी ने इंग्लैंड की एलिस पंपफ्रे को 5-0 से मात देकर भारत को चौथा मेडल दिलाया। अब सेमीफाइनल में उनका मुकाबला मंगोलिया की लुत्साइखान्य अल्तांतसेट्सेग से होगा। इससे पहले 80 किग्रा वर्ग में पूजा रानी ने भी पदक पक्का कर दिया था।

पुरुष मुक्केबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन...

महिला मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन के विपरीत, पुरुष बॉक्सर पूरी तरह फ्लॉप रहे। 10 सदस्यीय पुरुष दल को एक भी मेडल नहीं मिला। 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में जादुमणि सिंह मंडेनबाम ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन कजाकिस्तान के संझार ताश्केनबाय को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 0-4 से हारकर बाहर हो गए। उनके अलावा सिर्फ अभिनाश जमवाल (65 किग्रा) क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे। बाकी बॉक्सर शुरुआती राउंड में ही हार गए।

पिछले साल पुरुषों ने जीते थे 3 मेडल...

2023 में ताशकंद वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष बॉक्सर तीन ब्रॉन्ज मेडल लेकर लौटे थे। दीपक भोरिया (51 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और निशांत देव (71 किग्रा) ने भारत का नाम रोशन किया था। लेकिन इस बार टीम खाली हाथ रही।