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World Badminton Championship 2025: सात्विक-चिराग को सेमीफाइनल में चीन की जोड़ी से मिली हार!

World Badminton Championship 2025: भारत की स्टार बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का सफर BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 के सेमीफाइनल में थम गया। शनिवार को खेले गए मुकाबले में चीन की जोड़ी चेन बो यांग और लियू यी ने भारतीय जोड़ी को 19-21, 21-18, 12-21 से हराया। यह मैच एक घंटे सात मिनट तक चला। Read More: BAN vs NED 1st T20 2025: बांग्लादेश ने नीदरलैंड को 136 रन पर रोका, 14वें ओवर में मैच जीता… इस हार के बाद भारतीय जोड़ी को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। यही कहानी 2022 में भी दोहराई गई थी, जब सात्विक-चिराग को इसी टूर्नामेंट में कांस्य पदक ही मिल पाया था।

पहला गेम: अच्छी शुरुआत के बाद हार...

सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए शानदार रही। टॉस जीतने के बाद सात्विक-चिराग ने पहले रिसीव करने का फैसला किया। सात्विक की धारदार सर्विस रिटर्न और चिराग के तेज स्मैश की बदौलत भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में 4-0 की बढ़त बनाई और स्कोर 9-3 तक पहुंचाया। मध्यांतर तक सात्विक-चिराग 11-5 से आगे थे, लेकिन यहीं से चीनी जोड़ी ने वापसी की। लगातार अंक हासिल करते हुए चेन और लियू ने स्कोर 12-12 पर बराबर कर दिया। इसके बाद मुकाबला रोमांचक हो गया और आखिरकार चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया।

दूसरा गेम: दमदार वापसी...

दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती लय में खेलते हुए उन्होंने 6-2 की बढ़त बना ली। हालांकि, चीनी खिलाड़ियों ने एक बार फिर मैच में वापसी की और स्कोर 8-8 पर बराबर कर दिया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 15-11 की बढ़त हासिल की। हालांकि चेन-लियू ने 17-17 पर मैच बराबरी पर ला दिया, लेकिन अंत में भारतीय जोड़ी ने शानदार संयम दिखाते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीत लिया।

तीसरा गेम: चीन का दबदबा....

निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। चीनी खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबाव बनाते हुए लगातार 9 अंक हासिल किए और स्कोर 0-6 से भारतीय जोड़ी के खिलाफ कर दिया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने कुछ अंक जरूर जुटाए, लेकिन तब तक चीन की जोड़ी मजबूत स्थिति बना चुकी थी। चेन बो यांग और लियू यी ने तीसरा गेम 21-12 से जीतकर फाइनल में जगह पक्की कर ली, वहीं भारत का सफर ब्रॉन्ज मेडल पर ही थम गया।