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शुभांशु शुक्ला का घर वापसी मिशन: 20 दिन बाद अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटे

स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग कैलिफोर्निया के तट पर हुई

शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट 20 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद पृथ्वी पर लौट आए हैं। करीब 23 घंटे के सफर के बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की दोपहर 3 बजे कैलिफोर्निया के समुद्र में लैंडिंग हुई। चारों एस्ट्रोनॉट एक दिन पहले शाम 4:45 बजे ISS से पृथ्वी के लिए रवाना हुए थे। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, भारत के दूसरे अंतरिक्षयात्री, 15 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे (IST) कैलिफोर्निया के समुद्र में स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन ‘Grace’ कैप्सूल में उतरेंगे। 18 दिन तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताने के बाद शुभांशु और चार सदस्यीय Axiom‑4 क्रू ने 14 जुलाई शाम लगभग 4:45 बजे अनडॉक किया और अब वे नियंत्रणित रीयन्ट्री और समुद्र में स्प्लैशडाउन के लिए तैयारी कर रहे हैं ।  

रीएन्ट्री का तापमान 2,500°C गरम और खतरे भरा सफर

पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश के दौरान कैप्सूल का तापमान लगभग 2,500 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है । इस दौरान वे लगभग 27,000 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रहे होंगे, और कैप्सूल नीचे उतरते समय संकोच भरे ज्वालामुखी जैसे ताप और गति का सामना करेगा

23 घंटे का सफर – कैसे पहुंचेगा कैप्सूल समुद्र तक?

  • 14 जुलाई, शाम 4:30–4:45 PM IST: ISS से अनडॉक किया गया
  • अगले 22–23 घंटे: कई ऑर्बिट मोड़कर, डी‑ओर्बिट बर्न और नियंत्रणित गति से रीयन्ट्री प्रक्रिया पूरी की जाएगी
  • 15 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे: स्प्लैशडाउन कैलिफोर्निया तट पर, समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग
कैप्सूल के समुद्र में गिरने के बाद बचाव दल हेलीकॉप्टर और जहाजों की मदद से सुरक्षित उतार करेंगे।

अंतरिक्ष में शुभांशु: 60+ प्रयोग, भारत को नया दर्पण

शुभांशु ने अंतरिक्ष में 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोगों में योगदान दिया— जिसमें शामिल हैं:
  • बूट पादप (मूंग और मेथी) का माइक्रोग्राॅविटी में विकास
  • स्पेस माइक्रोएल्गी एक्सपेरिमेंट, हड्डियों की स्थिति, AI और बायोटेक्नोलॉजी अध्ययन
  • पीएम मोदी से लाइव वीडियो कॉल—28 जून को ISS से; पीएम ने हंसी‑मज़ाक में गाजर का हलवा पूछा
  • स्टूडेंट इंटरैक्शन via हैम रेडियो—तिरुवनंतपुरम, बेंगलुरु, लखनऊ के 500+ छात्रों से संवाद
  • ISRO के साथ तकनीकी बातचीत—6 जुलाई को गौरवपूर्ण चर्चा गगनयान मिशन को ध्यान में रखते हुए
  • पृथ्वी की तस्वीरें—ISS के कपोला मॉड्यूल से ली गई मनोरम दृश्यावलियां

अहमियत और आने वाला गगनयान मिशन

  • शुभांशु 41 साल बाद अंतरिक्ष में गए; पहले भारतीय थे राकेश शर्मा (1984)
  • ISRO ने इस मिशन में लगभग ₹550 करोड़ का निवेश किया; यह गगनयान मिशन 2027 के मानवयुक्त उड़ान के लिए एक महत्वपूर्ण तैयारी है
  • उनके अनुभव से भारत के पहले घरेलू मानव मिशन, गगनयान की तैयारी मजबूत होगी।

देश की दुआ—परिवार की उम्मीदें

लखनऊ स्थित शुक्ला परिवार आंखें बंद कर प्रभु से उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है। माता ने सुंदरकांड का पाठ किया और पिता ने कहा:
“वह हमारा बेटा है, लेकिन अब पूरा देश उसका इंतजार कर रहा है।”

 वापसी के बाद 7 दिन का रिहैब—शरीर पृथ्वी को फिर सीखेगा

स्प्लैशडाउन के बाद शुभांशु को लगभग 7 दिन तक रिहैब प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें मेडिकल मॉनिटरिंग, ग्रेविटी–एडजस्टमेंट और फिजिकल थेरेपी शामिल होगी । Watch Now :- "सावन शुरू! जानिए कैसे पाएं भगवान शिव की अपार कृपा इस पावन महीने में ?" Read:- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: तलाक के मामले में पत्नी की कॉल रिकॉर्डिंग सबूत