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सबरीमाला केस में आज 5वें दिन सुनवाई, करोड़ों की आस्था को गलत ठहराना मुश्किल-SC

Sabarimala case: केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 5वें दिन की सुनवाई शुरू हो गई है। जहा 9 जजों की बेंच ने 15 अप्रैल को पिछली सुनवाई में कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना सबसे मुश्किल कामों में से एक है।

[caption id="attachment_147550" align="alignnone" width="1185"] सबरीमाला केस में आज 5वें दिन सुनवाई[/caption]

Sabarimala case:दुकान या रेस्टोरेंट का मामला नहीं

बता दें कि मंदिर प्रशासन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) ने कहा कि.. सबरीमाला कोई खिलौने की दुकान या रेस्टोरेंट का मामला नहीं है। यहां के देवता ब्रह्मचारी हैं। भारत में अयप्पा के लगभग 1,000 मंदिर हैं। अगर महिलाओं को दर्शन करना है, तो वहां जाएं। केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में मासिक धर्म वाली महिलाओं (10-50 साल) की एंट्री पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बैन हटा दिया।

7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई

जानकारी के अनुसार सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। और पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।