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Jiya Rai Inspirational Story: इंस्पिरेशन की जीती-जागती मिसाल हैं जिया राय, जानिए उनकी कहानी....
Jiya Rai Inspirational Story: मुंबई की रहने वाली 17 वर्षीय जिया उनका जीवन को देखे तो किसी प्रेरणा से कम नहीं है, उन्होंने 13 साल की उम्र में यह साबित कर दिया था कि अगर इरादे मजबूत हों, तो न उम्र बाधा बनती है और न ही परिस्थितियां। ऑटिज्म से पीड़ित होने के बावजूद, जिया ने न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में मिसाल कायम की। उनकी कहानी दिव्यांगो के साथ - साथ जिन्होंने अपने जीवन से हार मान लिया है। उनके लिए भी प्रेरणादायक है।
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कौन हैं जिया राय?
जिया राय भारतीय नौसेना के अधिकारी माधव राय की बेटी हैं। वह ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझ रही हैं, जो एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है और इसमें व्यक्ति को सामाजिक और संचार संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जिया ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। बचपन से ही उन्हें तैराकी में रुचि थी और अपने पिता के मार्गदर्शन में उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा।2021: श्रीलंका से भारत तक समुद्र में 36 किमी की तैराकी..
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2021 को जिया ने श्रीलंका के तलाईमन्नार तट से भारत के तमिलनाडु स्थित धनुषकोडी तक की समुद्री दूरी को तैरकर पूरा किया। यह सफर लगभग 36 किलोमीटर लंबा था जिसे जिया ने करीब 13 घंटे में तय किया। ठंडा पानी, तेज समुद्री लहरें और थकान के बावजूद जिया ने हार नहीं मानी। यह उपलब्धि न सिर्फ खेल की दुनिया के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत है।2024 में पार किया था इंग्लिश चैनल...
इंग्लिश चैनल पार करने वाली दिव्यांग भारतीय बेटी जिया की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। 28-29 जुलाई 2024 को उन्होंने इंग्लैंड के एबॉट्स क्लिफ से फ्रांस के पोएंटे डे ला कोर्टे-ड्यून तक का सफर तय करते हुए विश्वप्रसिद्ध इंग्लिश चैनल को तैरकर पार किया।इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में उन्होंने 17 घंटे और 25 मिनट में 34 किलोमीटर लंबा सफर तैरा। यह प्रदर्शन किसी भी पेशेवर तैराक के लिए गर्व की बात होती है और जिया ने यह कर दिखाया, वह भी ऑटिज्म जैसी स्थिति में।कटाई गांव, आज़मगढ़ निवासी 16 वर्षीय जिया राय English Channel को पार करने वाली विश्व की सबसे कम उम्र की तथा सबसे तेज़ Para Swimmer बन गयी हैं। Autism Spectrum Disorder से पीड़ित होने के बावजूद उनका यह उपलब्धि हासिल करना, निश्चय ही देश के लिए गर्व की बात है। pic.twitter.com/FrMFkeXBJj
— भूमिहार समाज (@BHUMIHAR_SAMAAJ) July 31, 2024