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ISSF World Cup Suruchi Gold: सुरुचि ने कैमिल को 0.2 अंक से दी मात, भारत को दिलाया गोल्ड...

ISSF World Cup Suruchi Gold: भारत की नेशनल चैंपियन 19 वर्षीय सुरुचि ने जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप 2025 में विमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने फाइनल में 241.9 अंक हासिल किए और बेहद करीबी मुकाबले में पेरिस ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट कैमिल जेद्रजेवस्की को मात्र 0.2 अंकों से मात दी। Read More: IND-W vs ENG-W T20: इंग्लैंड विमेंस टीम से हीथर नाइट बाहर इस स्टार स्पिनर की हुई वापसी…

भारत का टूर्नामेंट में पहला गोल्ड मेडल...

यह भारत का मौजूदा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में पहला गोल्ड मेडल है। सुरुचि की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने दुनिया की शीर्ष निशानेबाजों में शुमार कैमिल को हराया, जो पिछली ओलिंपिक में पोडियम पर थीं।

तीसरे वर्ल्ड कप में तीसरा गोल्ड मेडल...

हरियाणा की रहने वाली 21 वर्षीय सुरुचि का यह लगातार तीसरे वर्ल्ड कप स्टेज में गोल्ड मेडल है। उन्होंने इससे पहले ब्यूनस आयर्स और लीमा में हुए वर्ल्ड कप में भी गोल्ड जीता था। ब्यूनस आयर्स उनका पहला इंटरनेशनल टूर्नामेंट था, जिसमें उन्होंने धमाकेदार आगाज किया था।

नेशनल रिकॉर्ड की भी की बराबरी..

सुरुचि ने क्वालिफिकेशन राउंड में 588 अंक बनाकर मनु भाकर के नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। वहीं, चीन की याओ चियानशुआन ने 589 अंकों के साथ जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए टॉप पोजिशन हासिल की।

फाइनल राउंड पूरी तरह से उतार-चढ़ाव भरा रहा...

शुरुआत में सुरुचि ने 52.1 अंकों के साथ बढ़त बनाई। लेकिन 11वीं शॉट में 9.7 स्कोर करने के बाद वो चौथे स्थान तक फिसल गईं। 12वीं शॉट में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 10.8 स्कोर किया और फिर से बढ़त बना ली। 22वें शॉट तक कैमिल उनसे आगे निकल चुकी थीं, लेकिन 23वें शॉट में सुरुचि ने 10.5 और कैमिल ने 9.5 मारा, जिससे भारतीय शूटर ने 0.5 अंक की बढ़त हासिल कर ली। आखिरी शॉट में दोनों ने 9 अंक बनाए, जिससे सुरुचि ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और गोल्ड जीत लिया।

चीन की याओ को ब्रॉन्ज से संतोष...

इस कड़े मुकाबले में चीन की याओ चियानशुआन ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन के बाद वह भी गोल्ड की दौड़ में थीं, लेकिन फाइनल के अंतिम शॉट्स में वह पिछड़ गईं।

भारत के लिए बड़ी उम्मीद बनीं सुरुचि...

सुरुचि की यह जीत भारत के शूटिंग इतिहास में एक और शानदार अध्याय जोड़ती है। उनकी निरंतरता, दबाव में संतुलन और टॉप शूटरों को हराने की क्षमता उन्हें ओलिंपिक के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।