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IND vs SA Test Match: स्पिनर्स के सामने क्यों नहीं टिक पाई टीम इंडिया? घर में लगातार चौथी हार...

IND vs SA Test Match: भारत को कोलकाता टेस्ट में साउथ अफ्रीका के हाथों 30 रन से हार झेलनी पड़ी। इसके साथ ही 2 टेस्ट की सीरीज में भारत 0-1 से पिछड़ गया। ईडन गार्डन्स में 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 93 रन पर सिमट गई। यह पिछले एक साल में घरेलू पिचों पर भारत की चौथी हार है। Read More: IPL 2026: सभी फ्रेंचाइजी ने जारी की रिलीज और रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट, दिग्गज खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी ने छोड़ा

कठिन पिच या खराब बल्लेबाजी?

हार के बाद बहस छिड़ गई कि हार की वजह पिच थी या बल्लेबाजों की नाकामी। दक्षिण अफ्रीका ने रचा 15 साल बाद इतिहास

भारतीय कोच गौतम गंभीर ने साफ कहा—

“पिच उतनी खराब नहीं थी, जितना बताया जा रहा है। बल्लेबाजों ने स्पिनर्स के खिलाफ कमजोर बल्लेबाजी की। स्किल और मेंटल स्ट्रेंथ पर काम करने की जरूरत है।” गंभीर की बात आंकड़ों से भी साबित होती है। कोलकाता टेस्ट में भारत के 60% विकेट स्पिनर्स के खिलाफ गिरे। टीम के 20 में से 12 खिलाड़ी स्पिन गेंदबाजों का शिकार बने।

क्या भारतीय बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों के सामने आउट हो रहे हैं?

पिछले एक साल में भारत ने घरेलू मैदान पर 6 टेस्ट खेले। इनमें टीम इंडिया के कुल 87 विकेट गिरे, जिनमें से 60 विकेट स्पिनर्स ने लिए। यानी घरेलू पिचों पर भारत की 69% परेशानियां स्पिन से ही हुईं। इन्हीं 6 टेस्ट में विपक्षी गेंदबाजों ने कुल 111 में से 77 विकेट स्पिन से निकाले, जो चिंताजनक है।

स्पिन की खेलने क्षमता क्यों घट रही है?

घरेलू क्रिकेट के परफॉर्मर्स को पर्याप्त मौके नहीं...

सरफराज खान, रजत पाटीदार और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज रेड बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन टेस्ट टीम में जगह स्थायी नहीं मिल पा रही। सरफराज और पाटीदार को पिछले साल मौका मिला, लेकिन कुछ मैचों में असफल होने पर तुरंत बाहर कर दिया गया।

कुछ खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाना...

आजकल टीम इंडिया के बड़े खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में कम नजर आते हैं। सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज भी अंतरराष्ट्रीय करियर के बीच लगातार घरेलू क्रिकेट खेलते थे, जिससे स्पिन खेलने की कला मजबूत रहती थी। लेकिन वर्तमान पीढ़ी घरेलू पिचों पर अभ्यास के इस महत्वपूर्ण मौके से दूर होती जा रही है।

भारत की स्पिन ताकत क्यों कमजोर हुई?

2000 से पहले भारत स्पिन खेलने में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता था। अजहरुद्दीन, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण। ये नाम स्पिन के खिलाफ दीवार बने रहते थे। लेकिन बाद में BCCI की रणनीति विदेशी दौरों पर जीत हासिल करने पर केंद्रित हो गई। तेज पिचों पर ज्यादा अभ्यास का फायदा तो मिला—जैसे ऑस्ट्रेलिया में 2018 और 2021 की ऐतिहासिक जीत— लेकिन इसका नुकसान घरेलू स्पिन कौशल पर हुआ।

न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका ने दिखाई कमजोरी...

पिछले साल न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। चौंकाने वाली बात यह थी कि भारतीय बल्लेबाज घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के पार्ट-टाइम स्पिनरों को भी नहीं खेल सके। साल 2000 के बाद 24 साल तक किसी टीम ने भारत को क्लीन स्वीप नहीं किया था, लेकिन अब यह खतरा लगातार बढ़ता दिख रहा है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भी भारत 0-1 से पीछे है।

गिल हुए थे चोटिल...मैच से बाहर..

मैच के दौरान गिल ने जैसे चौका लगाया, अचानक से उन्हें पीछे की तरफ गर्दन और गर्दन के निचले हिस्से में तेज दर्द महसूस हुआ। फिजियो तुरंत मैदान में आए और स्थिति देखते हुए गिल को ड्रेसिंग रूम ले जाया गया। गिल ने कुल 3 गेंद खेलीं और 1 चौका लगाया था। [caption id="attachment_117428" align="alignnone" width="521"]  [/caption]

हॉस्पिटल में भर्ती की BCCI ने दी जानकारी...

BCCI ने पुष्टि की है कि शुभमन गिल फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और वे बाकी मैच में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। बोर्ड की मेडिकल टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रखे हुए है। गिल की अनुपस्थिति में टीम की कमान अब ऋषभ पंत संभालेंगे। शनिवार को बल्लेबाजी के दौरान गिल को अचानक गर्दन में तेज ऐंठन हुई, जिसके कारण उन्हें अपनी पारी बीच में ही छोड़कर मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद वे दोबारा बैटिंग करने नहीं उतर सके।