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Gukesh Norway Chess 2025: गुकेश को मिली लगातार दूसरी हार, अब हिकारू से होगी भिड़ंत...

Gukesh Norway Chess 2025: नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट 2025 में मौजूदा वर्ल्ड चेस चैंपियन डी गुकेश की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। टूर्नामेंट के पहले दो मुकाबलों में उन्हें हार मिली, जिससे वह स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। Read More: Virushka Moment Viral: विराट और अनुष्का का रोमैंटिक वीडियों वायरल… आपको बता दें कि, गुकेश को उन्हीं के हमवतन अर्जुन एरिगैसी से हार का सामना करना पड़ा।

दूसरे राउंड में अर्जुन एरिगैसी से शिकस्त...

मंगलवार को खेले गए टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में गुकेश को भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी ने हराया। यह गुकेश की लगातार दूसरी हार थी। इससे पहले पहले राउंड में उन्हें 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन और मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन ने मात दी थी। इस हार के बाद गुकेश छह खिलाड़ियों की स्टैंडिंग में आखिरी स्थान (छठे) पर पहुंच गए हैं। आपको बता दें कि, नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट 2025  के पहले राउंड में डी गुकेश को वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन ने हराया।

अर्जुन दूसरे नंबर पर, हिकारू टॉप पर..

गुकेश पर जीत के बाद अर्जुन टूर्नामेंट की पॉइंट टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, अमेरिका के हिकारू नाकामुरा टॉप स्थान पर काबिज हो गए हैं। उन्होंने एक अन्य मुकाबले में मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। अब तीसरे राउंड में गुकेश की टक्कर हिकारू नाकामुरा से होगी, जो उनके लिए एक और कठिन मुकाबला साबित हो सकता है।

कौन हैं डी गुकेश?

डोम्माराजू गुकेश का जन्म 7 मई 2006 को हुआ था। इन्हें आमतौर पर डी गुकेश कहा जाता है, गुकेश चेन्नई के रहने वाले हैं। उन्होंने महज 7 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआती दौर में उन्हें भास्कर नागैया से कोचिंग मिली, जो खुद एक इंटरनेशनल चेस खिलाड़ी रह चुके हैं। इसके बाद विश्वनाथन आनंद जैसे दिग्गज खिलाड़ी ने भी उन्हें मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया।

18 साल की उम्र में बने वर्ल्ड चेस चैंपियन...

भारत के युवा ग्रैंडमास्टर गुकेश डी ने दिसंबर 2024 में इतिहास रच दिया। उन्होंने सिंगापुर में आयोजित वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप के फाइनल में चीन के डिंग लिरेन को 7.5-6.5 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

दुनिया के सबसे युवा वर्ल्ड चेस चैंपियन..

महज 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले गुकेश दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड 1985 में रूस के गैरी कैस्परोव के नाम था, जिन्होंने 22 साल की उम्र में वर्ल्ड चेस खिताब जीता था। [caption id="attachment_49200" align="alignnone" width="300"]  [/caption] चैंपियनशिप का फाइनल 25 नवंबर को शुरू हुआ था और 11 दिसंबर तक चला, जिसमें दोनों के बीच कुल 13 गेम खेले गए। गुकेश ने यह खिताबी मुकाबला 14वें गेम में जीतकर अपने नाम किया।

चेस ओलिंपियाड में भारत को दिलाई थी ऐतिहासिक जीत...

गुकेश ने न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि टीम इंडिया के लिए भी शानदार प्रदर्शन किया है। 10 से 23 सितंबर 2024 के बीच बुडापेस्ट में आयोजित चेस ओलिंपियाड में भारत ने इतिहास रचते हुए ओपन और विमेंस दोनों कैटेगरी में खिताब जीता। ओपन कैटेगरी के फाइनल गेम में गुकेश की निर्णायक जीत ने भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें भारत की शतरंज टीम का मजबूत स्तंभ बना दिया।