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FIDE Women’s World Cup 2025: कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख ने रचा इतिहास, अब फाइनल में होगा दोनों का आमना - सामना!

FIDE Women’s World Cup 2025: भारत की 2 शतरंज खिलाड़ियों ने रचा इतिहास पहली बार चेस FIDE विमेंस वर्ल्डकप फाइनल में एक साथ 2 भारतीय महिला खिलाड़ी पहुंची। हाल हि में दिव्या देशमुख ने अपनी जगह चेस FIDE विमेंस वर्ल्डकप फाइनल में पक्की कर ली थी और अब भारतीय खिलाड़ी कोनेरू हम्पी भी फाइनल में पहुंच गई हैं। Read More: Divya FIDE Women’s Cup Final: FIDE विमेंस कप के फाइनल में पहुंची दिव्या देशमुख!

हम्पी ने टाई ब्रेकर में चीन की टिंगली लेई को दी मात...

कोनेरु हम्पी ने सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाई ब्रेकर में हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यह मुकाबला जॉर्जिया के बटुमी में खेला गया। दोनों क्लासिकल गेम ड्रॉ रहने के बाद गुरुवार को टाई ब्रेकर हुआ, जिसमें हम्पी ने दमदार प्रदर्शन किया।

टाई ब्रेकर की शुरुआत में लेई को मिली बढ़त..

पहले 15-15 मिनट की दो बाजियां हुईं, जिनमें पहली बाजी लेई ने जीत ली। लेकिन हम्पी ने दूसरी बाजी में कठिन परिस्थिति में वापसी कर स्कोर बराबर कर दिया।

तीसरे सेट में हम्पी ने निर्णायक बढ़त बनाई...

इसके बाद 10 - 10 मिनट की दो बाजियों का तीसरा सेट खेला गया। हम्पी ने सफेद मोहरों से खेलते हुए पहले गेम में दमदार जीत दर्ज की। इस जीत के बाद उन्हें फाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ की जरुरत थी, लेकिन उन्होंने अगला गेम भी जीतकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

दूसरे गेम में हम्पी नहीं तोड़ पाईं लेई की रक्षा...

टाई ब्रेकर से पहले के दोनों क्लासिकल गेम बराबरी पर समाप्त हुए थे। दूसरे गेम में हम्पी के पास सफेद मोहरे थे, लेकिन वह लेई की मजबूत डिफेंस को भेद नहीं सकीं।

दिव्या देशमुख ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को किया बाहर...

19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंग्यी को 1.5-0.5 के अंतर से हराया। पहले गेम में काले मोहरों से खेलते हुए उन्होंने संतुलित रणनीति अपनाई और खेल ड्रॉ रहा।

तीन ग्रैंडमास्टर्स को लगातार हराया…

दिव्या की यह लगातार तीसरी जीत है, जिसमें ग्रैंडमास्टर को हराया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी हासिल कर लिया है। साथ ही वे 2026 FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं।

झोंग्यी के खिलाफ शानदार जीत…

सेमीफाइनल के पहले गेम में दिव्या ने काले मोहरों से खेलते हुए ड्रॉ कराया। दूसरे गेम में उन्होंने सफेद मोहरों से आक्रामक खेल दिखाया और 101 चालों में जीत दर्ज की। समय की कमी के चलते झोंग्यी ने गलतियां कीं, जिसका दिव्या ने पूरा फायदा उठाया।

पहले गेम में अपनाई संतुलन की रणनीति…

पहले गेम में तान झोंग्यी ने क्वीन्स गैम्बिट डिक्लाइन्ड ओपनिंग खेली, जिसमें दिव्या ने रक्षात्मक संतुलन बनाए रखा। अंत में दोनों के पास सीमित मोहरे रह गए, जिससे गेम ड्रॉ हो गया।  

पहली बार चार भारतीय महिला खिलाड़ी पहुंची क्वार्टर फाइनल में...

इस टूर्नामेंट में भारत के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि रही। पहली बार चार भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ी—कोनेरू हम्पी, हरिका द्रोणवल्ली, आर. वैशाली और दिव्या देशमुख—ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। टूर्नामेंट स्थल: बटुमी, जॉर्जिया फाइनल मुकाबला: कोनेरू हम्पी vs दिव्या देशमुख