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FIDE Women’s World Cup 2025: हम्पी-दिव्या का पहला गेम ड्रॉ, पहली बार फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी!

FIDE Women’s World Cup 2025: FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल का पहला गेम जॉर्जिया के बटुमी में कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख के बीच ड्रॉ रहा। यह ऐतिहासिक मौका है क्योंकि पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में दो भारतीय महिला खिलाड़ी आमने-सामने हैं। Read More: SA vs PAK WCL 2025: डिविलियर्स के बिना साउथ अफ्रीका चैंपियंस बिखरी, पाकिस्तान ने टीम को 31 रनो से हराया! दिव्या ने शुरुआती 25 चालों में जीत की स्थिति बनाने की कोशिश की, लेकिन हम्पी ने उनके छोटे-छोटे गलतियों का फायदा उठाते हुए गेम ड्रॉ करवाया।

दूसरा गेम होगा निर्णायक...

दूसरा गेम रविवार को खेला जाएगा, जिसमें हम्पी सफेद मोहरों से खेलेंगी। यदि यह गेम भी बराबरी पर रहा, तो विजेता का फैसला टाईब्रेकर में तेज गति की बाजियों से होगा। हम्पी का पलड़ा भारी माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पहला गेम काले मोहरों से खेलते हुए ड्रॉ किया। क्लासिकल फॉर्मेट के इस फाइनल में अगले और अंतिम गेम में उन्हें सफेद मोहरों का फायदा मिलेगा।

हम्पी ने टाईब्रेकर में बनाई फाइनल में जगह...

सेमीफाइनल में हम्पी ने चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में हराया। टाईब्रेकर की शुरुआती दो बाजियां 15-15 मिनट की थीं। पहली बाजी लेई ने जीती, लेकिन हम्पी ने दूसरी बाजी जीतकर मुकाबला बराबर किया। इसके बाद 10-10 मिनट की बाजियों में हम्पी ने शानदार प्रदर्शन किया और लेई को मात देकर फाइनल में प्रवेश किया। दोनों क्लासिकल गेम ड्रॉ रहे थे, जिसके बाद टाईब्रेकर खेला गया।

दिव्या ने पूर्व विश्व चैंपियन को हराया...

दिव्या ने सेमीफाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंग्यी को 1.5-0.5 से हराया। पहले गेम में सफेद मोहरों से खेलते हुए 19 वर्षीय दिव्या ने 101 चालों में बेहतरीन जीत दर्ज की। उन्होंने मध्य खेल में लगातार दबाव बनाकर झोंग्यी को गलतियां करने पर मजबूर किया। दूसरे गेम में काले मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने संतुलित रणनीति अपनाई और गेम ड्रॉ कराया। झोंग्यी ने ‘क्वीन्स गैम्बिट डिक्लाइन्ड’ ओपनिंग से शुरुआत की, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने मोहरों की अदला-बदली के साथ खेल को संतुलित रखा।

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

इस टूर्नामेंट में पहली बार भारत की चार महिला खिलाड़ियों—कोनेरू हम्पी, हरिका द्रोणवल्ली, आर. वैशाली, और दिव्या देशमुख—ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जो भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

हम्पी ने टाई ब्रेकर में चीन की टिंगली लेई को दी थी मात…

कोनेरु हम्पी ने सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाई ब्रेकर में हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यह मुकाबला जॉर्जिया के बटुमी में खेला गया। दोनों क्लासिकल गेम ड्रॉ रहने के बाद गुरुवार को टाई ब्रेकर हुआ, जिसमें हम्पी ने दमदार प्रदर्शन किया।

टाई ब्रेकर की शुरुआत में लेई को मिली बढ़त..

पहले 15-15 मिनट की दो बाजियां हुईं, जिनमें पहली बाजी लेई ने जीत ली। लेकिन हम्पी ने दूसरी बाजी में कठिन परिस्थिति में वापसी कर स्कोर बराबर कर दिया।

तीसरे सेट में हम्पी ने निर्णायक बढ़त बनाई…

इसके बाद 10 – 10 मिनट की दो बाजियों का तीसरा सेट खेला गया। हम्पी ने सफेद मोहरों से खेलते हुए पहले गेम में दमदार जीत दर्ज की। इस जीत के बाद उन्हें फाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ की जरुरत थी, लेकिन उन्होंने अगला गेम भी जीतकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

दूसरे गेम में हम्पी नहीं तोड़ पाईं लेई की रक्षा…

टाई ब्रेकर से पहले के दोनों क्लासिकल गेम बराबरी पर समाप्त हुए थे। दूसरे गेम में हम्पी के पास सफेद मोहरे थे, लेकिन वह लेई की मजबूत डिफेंस को भेद नहीं सकीं।