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FIDE Women’s World Cup 2025: विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की पहली महिला शतरंज खिलाड़ी बनी दिव्या देशमुख...

FIDE Women’s World Cup 2025: भारत की युवा शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने Fide महिला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है। महज 19 साल की उम्र में दिव्या ने पूरे देश में अपना रौशन कर दिया है। उन्होंने अनुभवी शतरंज खिलाड़ी कोनेरु हम्पी को टाई - ब्रेक राउंड में हराकर यह खिताब अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वो विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की पहली महिला शतरंज खिलाड़ी बन गई हैं, साथ ही देश की 88वीं ग्रैंडमास्टर भी। Read More: FIDE Women’s World Cup 2025: हम्पी-दिव्या का पहला गेम ड्रॉ, पहली बार फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी!

टाईब्रेक में निर्णायक जीत, हम्पी ने 54वीं चाल में मानी हार...

फाइनल मुकाबले में दिव्या और हम्पी के बीच दोनों मुख्य गेम ड्रॉ रहे, जिसके बाद टाई-ब्रेक राउंड खेला गया। यहां दिव्या ने बेहतरीन रणनीति और आत्मविश्वास के साथ 2.5-1.5 से जीत दर्ज की। मैच के बाद हम्पी ने कहा कि “12वीं चाल के बाद वह समझ नहीं पाईं कि अगला कदम क्या हो।” 54वीं चाल में दिव्या ने निर्णायक बढ़त बनाई, जिसके बाद हम्पी ने हार मान ली।

 जीत के तौर पर ₹42 लाख का इनाम..

वर्ल्ड कप जीतने पर दिव्या को करीब ₹42 लाख की इनामी राशि दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने अगले साल होने वाले FIDE विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। वे इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली दूसरी भारतीय महिला बनी हैं। कोनेरू हम्पी ने भी फाइनल में पहुंचकर इस टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की की है।

जीत के बाद भावुक हुईं दिव्या...

चैंपियन बनने के बाद दिव्या देशमुख बेहद इमोशनल हो गई और जीत के तुरंत बाद मां को गले लगी और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। इस वीडियो के देखकर हर कोई भावुक हो उठा।

नए भारत की नई शतरंज क्वीन: दिव्या देशमुख...

महाराष्ट्र की दिव्या देशमुख ने इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत को गौरवांवित किया है। हम्पी जैसी अनुभवी खिलाड़ी को हराकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि नई पीढ़ी के खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न केवल चुनौती देते हैं, बल्कि इतिहास भी रचते हैं।

PM मोदी ने दी बधाई...

सेमीफाइनल में दिव्या ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को था हराया...

दिव्या ने सेमीफाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंग्यी को 1.5-0.5 से हराया। पहले गेम में सफेद मोहरों से खेलते हुए 19 वर्षीय दिव्या ने 101 चालों में बेहतरीन जीत दर्ज की। उन्होंने मध्य खेल में लगातार दबाव बनाकर झोंग्यी को गलतियां करने पर मजबूर किया।

टाईब्रेक राउंड का फॉर्मेट क्या होता है?

टाई-ब्रेक राउंड में खिलाड़ी तेज गति से गेम खेलते हैं: 2 Rapid Games (10 मिनट + 10 सेकंड) स्कोर बराबर रहा तो 2 Fast Games (5 मिनट) फिर भी नतीजा न निकले तो 3+2 Blitz Games जब तक निर्णय न हो जाए