अन्य

Akash in Ranji Trophy 2025: आकाश ने लगातार 8 गेंदों पर 8 छक्के लगाकर तोड़ा युवराज और रवि शास्त्री के रिकॉर्ड...

Akash in Ranji Trophy 2025: रणजी ट्रॉफी में प्ले ग्रुप के मुकाबले में मेघालय की ओर से खेल रहे आकाश कुमार चौधरी ने युवराज सिंह, रवि शास्त्री जैसे दिग्गज बल्लेबाजो का रिकॉर्ड को तोड़ते हुए लगतार 8 गेंदो में 8 छक्के लगाए। इतना ही नहीं 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर इतिहास रच दिया। Read More: World Shooting Championship 2025: अनीश भानवाला ने सिल्वर मेडल जीता, वहीं चेस वर्ल्ड कप में विदित गुजराती बाहर… दरअसल, 2007 में युवराज सिंह ने टी-20 वर्ल्ड कप में लगातार 6 गेंद में 6 छक्के ठोके थे और 1985 में रवि शास्त्री ने रणजी ट्रॉफी में यह कारनामा किया था।

सूरत में रणजी मैच में रचा इतिहास...

यह रिकॉर्ड सूरत में खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले में बना। मेघालय की ओर से खेल रहे 25 वर्षीय आकाश चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाए। उनकी यह पारी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक की सबसे तेज फिफ्टी है, जो उन्होंने केवल 11 गेंदों में पूरी की। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन वाइट का 12 गेंदों में अर्धशतक का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी

आकाश चौधरी अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार 6 बॉल पर 6 सिक्स लगाने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। सबसे पहले गैरी सोबर्स ने 1968 में नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए यह कारनामा किया था। इसके बाद रवि शास्त्री ने 1984-85 में रणजी ट्रॉफी में छह छक्के लगाए थे। और अब आकाश चौधरी ने इसे नए स्तर पर पहुंचाते हुए लगातार 8 गेंदों पर 8 छक्के जड़े हैं।

युवराज सिंह की यादगार पारी...

भारत के क्रिकेट इतिहास की बात करें तो युवराज सिंह का 2007 टी-20 वर्ल्ड कप का ओवर आज भी याद किया जाता है, जब उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर की लगातार 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाए थे। उस वक्त एंड्रयू फ्लिंटॉफ से हुई बहस के बाद युवराज ने अपनी आक्रामक पारी से क्रिकेट इतिहास में सुनहरी लकीर खींच दी थी।

नया भारतीय स्टार उभरने के संकेत...

आकाश चौधरी की यह उपलब्धि बताती है कि भारत के घरेलू क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने न केवल युवराज और शास्त्री जैसे दिग्गजों का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय भी जोड़ दिया।