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चुनाव आयोग का नया कदम: देशभर में SIR करेगा वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन
पहले फेज में 5 राज्यों का होगा वेरिफिकेशन
पहले फेज में ये राज्य होंगे शामिल
- पश्चिम बंगाल
- असम
- केरल
- पुडुचेरी
- तमिलनाडु
2025 voter list verification election commission: SIR का उद्देश्य और लाभ
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अपडेट करना और अवैध मतदाताओं (जैसे विदेशी नागरिक, मृत व्यक्तियों या स्थानांतरित व्यक्तियों) को हटाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि चुनाव में सिर्फ वास्तविक और योग्य मतदाता ही मतदान करें, जिससे चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। Read More:- जिंदगी में होना है सफल तो घर के वास्तु में करें छोटा सा बदलाव मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के अनुसार, SIR के तहत मतदाता की जानकारी की पुनः जांच की जाएगी और यह प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरे देश में लागू की जाएगी। पहले फेज में जिन राज्यों में यह प्रक्रिया लागू होगी, उन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं।SIR के तहत वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन कैसे होगा?
चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए दो मुख्य तरीके बताए हैं:- बूथ लेवल ऑफिसर (BLO): BLOs घर-घर जाकर मतदाताओं से एक प्री-फील्ड फॉर्म लेंगे, जिसमें मतदाता की जानकारी और दस्तावेज़ों की पुष्टि की जाएगी।
- ऑनलाइन विकल्प: मतदाता खुद भी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और उसे भर सकते हैं।
2025 voter list verification election commission: स्क्रीनिंग के नियम
- 2003 की लिस्ट में शामिल मतदाताओं को किसी भी दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होगी। केवल फॉर्म भरने से काम चलेगा।
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्तियों को जन्मतिथि या जन्मस्थान का प्रमाण देना होगा।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को दोनों - जन्मतिथि और जन्मस्थान का प्रमाण देना होगा।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्तियों को जन्मतिथि, जन्मस्थान और माता-पिता के दस्तावेज़ भी देने होंगे।