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World Largest Shivlinga: विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग पहुंचा बिहार!

World Largest Shivlinga: विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंचा, यह शिवलिंग 3 जनवरी शनिवार को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार के गोपालगंज पहुंचे। इस शिवलिंग को ट्रक से यहां तक लाया गया। इस शिवलिंग को बिहार पहुंचने में 45 दिन लग गए। बता दें कि, शिवलिंग को 21 नवंबर को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण के लिए रवाना किया गया था, जो कि तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से होते हुए यहां तक पहुंचा।

कहां होगी शिवलिंग की स्थापना

इस शिवलिंग को स्थापित करने के लिए बिहार के पूर्वी चंपारण में विराट रामायण मंदिर का निर्माण कराया गया है। वहीं इस शिवलिंग को पूरे विधि - विधान के साथ स्थापित किया जाएगा। बता दें कि, यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाया गया है। इसकी ऊंचाई लगभग 33 फीट है, उसका वजन 210 टन वजनी है।

विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के दर्शन करने लगी भक्तों की भीड़

यह विशालकाय शिवलिंग जहां - जहां से गुजरा इसके दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ नजर आई, भक्तों ने भगवान की पूजा - अर्चना की उनका स्वागत किया। वहीं जब यह शिवलिंग बिहार पहुंचा तो भक्तो की भीड़ शिवलिंग के दर्शन करने पहुंच गई। भक्तों भगवान शिव का पूजन - आरती कर उनका स्वागत किया।

पूर्वी चंपारण में 5 जनवरी को होंगे रवाना

4 जनवरी को यह कफिला गोपालगंज में रुकेगा इसके बाद सोमवार की सुबह 5 जनवरी को शिवलिंग का काफिला पूर्वी चंपारण के लिए रवाना होगा। इसे कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में बने विराट रामायण मंदिर में ले जाया जाएगा।

शिवलिंग का भव्य स्वरुप

इस शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम हुआ है, इस शिवलिंग को एक ही ग्रेनाइट के पत्थर से बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन 210 टन है। इसे बनाने में लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस शिवलिंग का निर्माण महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में पिछले 10 साल से किया जा रहा है। इस शिवलिंग को शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने बनाया है।

कब होगी मंदिर में स्थापना?

17 जनवरी को शिवलिंग स्थापित करने की तैयारी जारी है, उस दिन शिवलिंग की पीठ पूजा की जाएगी। हलांकि इस शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा बाद में की जाएगी। मंदिर के अध्यक्ष के अनुसार, जनवरी - फरवरी 2026 में शिवलिंग को पूरे विधि- विधान से स्थापित करने की संभावना है। बता दे कि, मंदिर का आकार 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इस मंदिर में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी।