विधानसभा चुनावों में बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु मे

समझिए 5 राज्यों में चुनावी रिजल्ट का गणित, BJP के 2 बड़े दांव, विजय के वादें.. कौन बनेगा CM?

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026

5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आ गया है। बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया।  केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। और तमिलनाडु में विजय ने साबित किया कि स्टारडम अगर सही रणनीति से मिले, तो वो असली राजनीतिक ताकत बन जाता है। हर राज्य का अपना फॉर्मूला था। हर जीत के पीछे एक अलग कहानी। 

बीजेपी के 2 बड़े दांव

पहले पश्चिमी बंगाल की बात करते है…TMC का गढ़ जिसे BJP ने इस तरीके से छीना की खुद ममता दीदी तक समझ नहीं पाई। वोटबैंक को साधने के लिए बीजेपी ने दो बड़े दांव चले… माछ-भात और जय मां काली। ममता बनर्जी ने कहा था कि बीजेपी की सरकार बनी, तो मछली, मांस और अंडा खाना बंद हो जाएगा। BJP ‘माछे-भात बंगाली’ की पहचान को खत्म कर देगी। इस पलटवार में BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने सार्वजनिक तौर पर मछली खाई। मछली के साथ प्रचार हुआ। अमित शाह ने भी कहा कि माछ-भात खाने वाला ही बंगाल का सीएम होगा। 

झालमुड़ी का कमाल 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झालमुड़ी ने भी कमाल किया, जहां PM ने झालमुड़ी खाई वो चारों सीटे बीजेपी के नाम हो गई। झालमुड़ी ने ऐसा कमाल किया की जीत के बाद पूरे देश में BJP कार्यकर्ताओं ने झालमुड़ी खाकर जश्न मनाया। बंगाल में एकछत्र राज करने वाले ममता बनर्जी भी अपनी सीट से हाथ धो बैठी। किसी ने नहीं सोचा था की बंगाल में इतना बड़ा खेला हो जाएगा।

फेंस बने कार्यकर्ता

तमिलनाडु में विजय थलपति की पार्टी ने कमाल कर दिया। विजय की सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम की सत्ता में एंट्री किसी फिल्म से कम नहीं। तमिलनाडु में फैन क्लब कल्चर बहुत बड़ा है। हर सुपरस्टार के नाम से फैन क्लब होते हैं। और यहीं फेन्स विजय की पार्टी के कार्यकर्ता बन गए। विजय ने वोट साधने के लिए वादे भी किए- जैसे दुल्हनों को 8 ग्राम सोना, नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी, 10 लाख नौकरी और प्राइवेट जॉब्स में 80% आरक्षण, वगैरह-वगैरह। DMK अब तक तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी थी।  लेकिन इस चुनाव में मुख्यमंत्री स्टालिन तक हार गए। 

बिजेपी की हेट्रिक 

असम में बिजेपी ने हेट्रिक मारी। चुनावी रैलियों में हिमंता बिस्व सरमा ने दावा किया कि हर हफ्ते 35-40 बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेज रहे हैं। इससे हिंदू वोटों में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती गई। असम में पहली बार बीजेपी ने पूरा चुनाव हिमंता के चेहरे पर लड़ा। उन्होंने अपने तीखे बयानों से खुद को योगी जैसे कट्टर नेता के तौर पर पेश किया और इसमें सफल हुए। 

भगवान अयप्पा के नाम पर जीत

केरलम में राहुल गांधी ने अपनी रैलियों में पिनराई विजयन के परिवार पर करप्शन के कई मामलों का मुद्दा उठाकर कहा था कि जो सरकार भगवान अयप्पा का सम्मान नहीं कर सकती, केरलम के लोगों का सम्मान क्या करेगी? और यही उनकी जीत का बड़ा कारण बनी। 

कौन बनेगा CM?

अब सवाल ये है कि अब मुख्यमंत्री कौन बनेगा। बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही।  नए मुख्यमंत्री का शपथग्रहण 9 मई को होगा।  सीएम के चेहरे को लेकर सबसे आगे नाम नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का है। सुवेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य, उत्पल ब्रह्मचारो और स्वपन दासगुप्ता का नाम भी CM की रेस में चल रहा है। लेकिन अगर बिजेपी के इतिहास को देखे तो, मध्यप्रदेश, राजस्थान दिल्ली में नए चेहरो को मौका दिया गया। तो क्या बंगाल में भी कोई नया चेहरा मुख्यमंत्री बनेगा या फिर सुवेदू अधिकारी बंगाल की कमान संभालेंगे। 

वहीं तमिलनाडु में विजय थलपति का सीएम बनना लगभग तय माना जा रहा है। और असम में हिमंत बिस्वा सरमा फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।