देश-विदेश

UK समिति ने भारत को 'दमनकारी देशों' की लिस्ट में डाला

ब्रिटेन ने भारत को 'दमनकारी देश' कहा लेकिन क्यों?

ब्रिटेन की जॉइंट कमेटी ऑन ह्यूमन राइट्स (JCHR) ने 1 अगस्त 2025 को एक रिपोर्ट जारी की जिसका नाम है "Transnational Repression in the UK" इस रिपोर्ट में भारत को 12 दमनकारी देशों की सूची में डाला गया है। इस लिस्ट में चीन, रूस, तुर्की जैसे देशों के साथ भारत का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट में आरोप है कि ये देश ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को डराने, धमकाने या उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत पर क्या आरोप लगाए गए?

सिख फॉर जस्टिस (SFJ) नाम के खालिस्तान समर्थक संगठन का जिक्र किया गया। रिपोर्ट कहती है कि भारत ब्रिटिश नागरिकों को निशाना बना रहा है, खासकर पंजाबी मूल के सिखों को। कथित तौर पर, भारत ब्रिटेन में रह रहे लोगों पर डर, निगरानी और धमकी के माध्यम से दबाव बना रहा है। SFJ को भारत में आतंकवादी संगठन घोषित किया जा चुका है और इसके खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई चल रही है।

 क्या यह पहली बार है?

2023 और 2024 में भी ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थकों के प्रदर्शन, भारतीय दूतावास पर हमले और MI5 द्वारा रिपोर्ट की गई गतिविधियां इस ओर इशारा करती रही हैं कि यह मामला धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले रहा है। MI5 की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 के बाद से ऐसे मामलों में 48% वृद्धि हुई है — यानी विदेशी सरकारों द्वारा ब्रिटेन की ज़मीन पर दखल और दबाव बढ़ा है।

 भारत का अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट पर फिलहाल कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही एक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आएगी, विशेषकर इस रिपोर्ट में SFJ जैसे संगठन के संदर्भ में।

विरोधाभास? ब्रिटेन में 'सिख रेजिमेंट' पर विचार

इसी हफ्ते, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वर्नोन रॉडनी कोकर ने कहा कि वे "ब्रिटिश सिख रेजिमेंट" बनाने पर विचार कर रहे हैं। यह गोरखा ब्रिगेड की तर्ज पर होगी, और इसमें ब्रिटिश सिख युवाओं की भागीदारी की संभावना है। यानी एक ओर भारत पर खालिस्तानी तत्वों को दबाने का आरोप है, दूसरी ओर ब्रिटेन उन्हीं समुदायों को सैन्य पहचान दे सकता है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत-ब्रिटेन संबंधों में दरार की संभावना बढ़ सकती है। खालिस्तान मुद्दे को वैश्विक मंच पर नए तरीके से पेश किया जा रहा है। ब्रिटिश भारतीय समुदाय की सुरक्षा और स्वतंत्रता की बहस फिर गर्म होगी। भारत की सॉफ्ट पावर और छवि को चुनौती मिल सकती है। Read More:- इंडिगो फ्लाइटः युवक को आया पैनिक अटैक, यात्री ने जड़ दिया थप्पड़ Watch Now :-कुल्लू जिले में लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़