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3 घंटे की ट्रम्प-पुतिन मीटिंग: लेकिन कोई डील नहीं! क्या शांति अब भी मुमकिन है?

 ट्रम्प और पुतिन की मुलाक़ात का पर्दे के पीछे का सच

कल्पना कीजिए, दो सबसे ताक़तवर नेता एक कमरे में तीन घंटे तक आमने-सामने बैठे हों, और बाहर इंतज़ार कर रही दुनिया को सिर्फ़ 12 मिनट की ब्रीफिंग मिले वो भी बिना किसी जवाब के। ये कहानी किसी राजनीतिक थ्रिलर की नहीं, बल्कि 16 अगस्त 2025 की है जब अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाक़ात अलास्का में हुई। लेकिन सवाल ये नहीं है कि वो मिले असली सवाल ये है: क्या कुछ बदला?

तीन घंटे की बातचीत और फिर... ख़ामोशी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने इसे “बहुत सकारात्मक” बताया, और 10 में से 10 अंक भी दे डाले। लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हुआ। पुतिन ने अपनी बात रखते हुए साफ़ कहा कि रूस की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। फिर मंच से उतरते ही दोनों नेता चले गए कोई सवाल-जवाब नहीं, कोई आश्वासन नहीं। इसे सुनकर एक आम यूक्रेनी मां क्या महसूस करती होगी, जिसने अपने बेटे को खोया है? या एक अमेरिकी परिवार, जिसे एक सैनिक के ताबूत का इंतज़ार है? क्या शांति की उम्मीदें सिर्फ़ कैमरे के सामने की मुस्कुराहट तक सीमित हैं?

राजनीति से ज़्यादा, यह इंसानियत की बात है

ट्रम्प ने दावा किया कि अगर 2022 में वो राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। ये बयान कई सवाल छोड़ जाता है। क्या यह स्वीकारोक्ति है कि सबकुछ सिर्फ़ नेताओं की "इच्छाशक्ति" पर टिका है? क्या युद्ध टाला जा सकता था? सिर्फ राजनीति के नज़रिये से नहीं, इंसानियत के चश्मे से देखें तो तस्वीर और भी भयावह लगती है। अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने यूक्रेन और रूस में युद्ध से प्रभावित बच्चों के लिए एक भावुक पत्र लिखा, जो ट्रम्प ने खुद पुतिन को सौंपा। क्या उस पत्र ने पुतिन को झकझोरा? शायद हाँ, शायद नहीं।

जेलेंस्की का मौन और यूक्रेन की बेचैनी

मीटिंग के बाद ट्रम्प ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से लंबी बातचीत की। लेकिन जेलेंस्की अब तक चुप हैं। इस चुप्पी में दर्द है, अविश्वास है और शायद थकावट भी। यूक्रेनी सांसदों ने ट्रम्प पर भेदभाव का आरोप लगाया कहा कि उन्होंने पुतिन को गर्मजोशी से गले लगाया, जबकि जेलेंस्की के साथ सर्द व्यवहार किया। क्या अमेरिका अब अपने मूल सहयोगियों से दूर जा रहा है?

कैदियों की अदला-बदली की उम्मीद?

ट्रम्प ने संकेत दिए कि एक कैदियों की अदला-बदली का प्रस्ताव सामने आया है हजारों कैदियों की बात हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि लोग मरना बंद करें। सुनने में भावुक बात है, पर क्या यह सिर्फ एक चुनावी बयान है या असली बदलाव की शुरुआत? Read More:- हॉलमार्किंगः 1 सितंबर से सिल्वर ज्वेलरी की हॉलमार्किंग लागू होगी Watch Now :-किश्तवाड़ आपदा - 200 लोग लापता….