2 दिन में सिर्फ 3 जहाज… और ट्रम्प ने रोक दिया ऑपरेशन! क्या होर्मुज में अमेरिका पीछे हट गया?
मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा भू-राजनीतिक मोड़ सामने आया है। अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ महज 48 घंटे के भीतर बंद कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसके पीछे पाकिस्तान की अपील और ईरान के साथ बातचीत में प्रगति को कारण बताया, लेकिन इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिर्फ दो दिनों में अमेरिका 3 जहाज ही निकाल पाया
सिर्फ दो दिनों में अमेरिका 3 जहाज ही सुरक्षित निकाल पाया, जबकि सामान्य दिनों में इस रास्ते से 100 से ज्यादा जहाज गुजरते हैं। ऑपरेशन शुरू होते ही ईरान ने सख्त चेतावनी दी और हमले भी तेज कर दिए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। अब ईरान इसे अपनी रणनीतिक जीत बता रहा है, जबकि अमेरिका इसे कूटनीतिक कदम के रूप में पेश कर रहा है।
दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई की लाइफलाइन है। यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। हालात ऐसे हैं कि UAE पर मिसाइल हमले, जहाजों पर हमले और UNSC में प्रस्ताव सब मिलकर इस संकट को और जटिल बना रहे हैं।भारत ने भी अपने नागरिकों के घायल होने पर कड़ा रुख दिखाया है और तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। वहीं चीन अब इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम भूमिका में नजर आ रहा है, क्योंकि ईरान उससे समर्थन और गारंटी चाहता है।
अब आगे क्या?
अमेरिका ने भले ऑपरेशन रोक दिया हो, लेकिन होर्मुज पर तनाव खत्म नहीं हुआ है। जहाजों की आवाजाही अभी भी बाधित है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिन तय करेंगे कि यह सिर्फ रणनीतिक विराम है या किसी बड़े समझौते की शुरुआत।